न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड व अन्य की विशेष अपील पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिका को अगली तिथि तक सुनवाई के लिए टाल दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना गाउन के कोर्ट में पेश हुए एक वकील की खिंचाई करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। हालांकि, कोर्ट ने अधिवक्ता केसाथ रियायत भी की। कोर्ट ने इस बात पर नरमी बरती जब अधिवक्ता ने कहा कि वह युवा हैं। कोर्ट ने मामले को उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के समक्ष भेजने से इनकार कर दिया।
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न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड व अन्य की विशेष अपील पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिका को अगली तिथि तक सुनवाई के लिए टाल दिया।
इसके पहले हाईकोर्ट ने एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एक अधिवक्ता के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की थी, क्योंकि अधिवक्ता ड्रेस में ऑनलाइन सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके। कोर्ट ने मामले की सुनवाई केलिए अगली तिथि तय कर दी थी।