हाईकोर्ट में समय पर जवाब दाखिल न करने पर कोर्ट ने जिलाधिकारी कानपुर देहात पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि डीएम या तो जवाब दाखिल करें या अदालत में हाजिर होकर इसका स्पष्टीकरण दें कि क्यों जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
राजकीय विद्यालय के पास शव दाह गृह निर्माण के खिलाफ जनहित याचिका पर जवाब न दाखिल करने पर यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने दिया। कोर्ट ने कहा है कि जिलाधिकारी को याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया था, जिसका उन्होंने पालन नहीं किया। कोर्ट ने कहा है कि यदि 15 सितंबर तक जवाबी हलफ़नामा दाखिल नहीं किया गया तो जिलाधिकारी स्पष्टीकरण के साथ कोर्ट में हाजिर हों।
अनिल चंद्रा व 32 अन्य लोगों ने इस मामले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की है। याची का कहना है कि राजकीय विद्यालय के पास शवदाह गृह निर्माण से विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित होगा। कोर्ट ने शवदाह गृह निर्माण और विवादित भूमि पर दाह संस्कार करने पर रोक लगा दी है। जिसे जारी रखने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई 15 सितंबर को होगी।