पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐेसा सुनने में आया है कि महंत नरेंद्र गिरि कई दिनों से परेशान थे। वह एक मंत्री और वरिष्ठ अफसरों से मिलना चाहते थे। ऐसे में संदिग्ध स्थिति में उनका निधन होना कई सवाल खड़े करता है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की है। संत के अंतिम दर्शन के लिए बाघंबरी गद्दी मठ पहुंचे अखिलेश ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
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पूर्व मुख्यमंत्री दिन में करीब सवा 12 बजे मठ में पहुंचे और महंत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि का निधन आहत करने वाला है। वह साधु-संतों ही नहीं, आम जन मानस में भी लोकप्रिय और पूजनीय थे। ऐसे में उनका निधन स्तब्ध करने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐेसा सुनने में आया है कि महंत नरेंद्र गिरि कई दिनों से परेशान थे। वह एक मंत्री और वरिष्ठ अफसरों से मिलना चाहते थे। ऐसे में संदिग्ध स्थिति में उनका निधन होना कई सवाल खड़े करता है।
अखिलेश यादव ने पूर्व अपर महाधिवक्ता कमल सिंह यादव की पत्नी के निधन पर संवेदना प्रकट की
इसमें कुछ प्रमुख लोगों के भी नाम आ रहे हैं। इस पूरे मामले की जांच सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। अखिलेश यादव पूर्व अपर महाधिवक्ता कमल सिंह यादव के घर भी गए और उनकी पत्नी के निधन पर संवेदना प्रकट की। अपर महाधिवक्ता की पत्नी का कोविड की वजह से निधन हो गया था। हालांकि, समय कम होने के कारण उन्होंने घर के बाहर ही कमल सिंह और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उनके साथ जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव, एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव, संदीप पटेल, दान बहादुर मधुर आदि मौजूद रहे।
सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई झड़प
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी बाघंबरी गद्दी मठ पहुंचे। वे भी मठ के भीतर प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। इसे लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।