इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के संघटक महाविद्यालयों में एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि इस प्रक्रिया को पूरा होने में पांच से छह माह का वक्त लग सकता है। जिन कॉलेजों में स्थायी प्राचार्य हैं, वहां प्रमोशन की प्रक्रिया पहले पूरी होगी और जहां अस्थायी प्राचार्य हैं, वहां स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति के बाद प्रमोशन दिए जाएंगे। डीन कॉलेज डेवलपमेंट ने प्रमोशन के मद्देनजर शिक्षकों से अपडेट सूचनाएं मांगी हैं।
कॉलेजों में पहले कुल पदों के मुकाबले पांच फीसदी पदों पर शिक्षकों को प्रोफेसर बनाया जाता था, लेकिन यूजीसी रेगुलेशन-2018 के तहत अब अर्हता धारित करने वाले सभी शिक्षकों को प्रमोशन दिया जा सकता है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी को लेना है। पूर्व डीन कॉलेज डेवलपमेंट प्रशांत अग्रवाल के कार्यकाल में एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन के लिए शिक्षकों से आवेदन मांगे गए थे, लेकिन आवेदन आने के बाद प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई। वर्तमान डीन कॉलेज डेवलपमेंट प्रो. पंकज कुमार ने प्रमोशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
उन्होंने कॉलेजों को संदेश भेजा है कि जिन शिक्षकों ने पूर्व में आवेदन किए थे, अगर उनके पास अर्हता संबंधी कुछ अपडेट है तो 10 अक्तूबर तक अपने कॉलेज के प्राचार्य को अवगत करा दें। इस दौरान अर्हता पूरी करने वाले अन्य शिक्षक भी आवेदन कर सकते हैं। वहीं, प्राचार्यों से कहा गया है कि कालेजों में प्राप्त आवेदनों को विषयवार 13 अक्टूबर तक डीन कालेज एंड डेवलपमेंट कार्यालय में जमा करा दें। कालेजों में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर आठ वर्ष से अधिक समय से तैनात शिक्षक ही कैश के तहत प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन के लिए अर्ह माने जाएंगे। प्रमोशन की प्रक्रिया में वही मानक अपनाए जाएंगे, जिनके तहत शिक्षक भर्ती होती है।
डीन कॉलेज डेवलपमेंट प्रो. पंकज कुमार ने बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर पद पर तैनात अर्ह शिक्षकों से लिए जाने वाले आवेदनों की विषयवार छंटनी की जाएगी। इसके बाद आवेदनों की स्क्रीनिंग होगी और फिर शिक्षकों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए कालेज स्तर पर चयन समिति होगी, जिसकी अध्यक्षता गवर्निंग बाडी के चेयरमैन करेंगे। इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के नाम पर गवर्निंग बाडी की मुहर लगेगी और फिर चयनितों के नाम की सूची कुलपति के पास भेज दी जाएगी। कुलपति की अंतिम मुहर लगने के बाद प्रमोशन की फाइनल लिस्ट जारी की जारी की जाएगी। प्रो. पंकज के अनुसार जिन कॉलेजों में स्थायी प्राचार्य हैं, वहां प्रमोशन की प्रक्रिया पहले पूरी होगी और जहां अस्थायी प्राचार्य हैं, वहां स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति के बाद प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होगी।