एसआरएन अस्पताल में नहीं मिला इलाज
बेटे अभिषेक ने बताया कि वह पिता को इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंचा। लेकिन, डॉक्टर उन्हें कभी पुरानी बिल्डिंग तो कभी दूसरी जगह भेजते रहे। उसके पिता को भर्ती नहीं किया गया। करीब एक घंटे तक भटकने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर जाना पड़ा।
रामबाग से सवारी बैठाकर निकले थे, फिर कुछ पता नहीं चला
इलाज के कई घंटे बाद होश में आने पर ई-रिक्शा चालक राम किशुन ने बताया कि वह मंगलवार की शाम करीब पांच बजे रामबाग से दो युवकों को अपने ई-रिक्शा पर बैठाकर चले थे। इसके बाद उन्हें कुछ भी याद नहीं है कि वह यहां कैसे पहुंचे। राम किशुन बताते हैं तीन दिन बाद जब उन्हें होश आया तो वह वह एक पुलिया के नीचे नग्न अवस्था में पड़े थे। शरीर में उठने की शक्ति नहीं थी। उनके दाहिने हाथ में इंजेक्शन लगने के निशान थे। इससे अनुमान है कि बदमाशों ने उन्हें नशे का ओवर डोज इंजेक्शन देकर पुलिया के नीचे फेंक दिया था। फिलहाल राम किशुन का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।