ऐसे करें बचाव
साइबर एक्सपर्ट मो. हसन जैदी ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के मामलों में साइबर अपराधी एक फर्जी वर्चुअल ट्रेडिंग पेज बनाते हैं। यह उसी व्यक्ति के नाम पर होता है। इसमें रकम बढ़ती हुई दिखाई जाती है ताकि व्यक्ति झांसे में आकर निवेश करता जाए। जैसे ही वह व्यक्ति रकम वापसी की बात करता है तो उसे बताया जाता है कि ट्रेडिंग अकाउंट लॉक हो गया है और इसे अनलॉक करने के लिए और धनराशि मांगी जाती है। ऐसे में ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त सबसे पहले संबंधित स्टॉक ब्रोकर की प्रमाणिकता की जांच खुद से कर लें। व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए जानकारी में आए किसी स्टॉक ब्रोकर के झांसे में कतई न आएं।