कहावत है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, लेकिन कई अपराधी ऐसे भी हैं जो गिरफ्त में नहीं आ पा रहे हैं। जिले में 53 ऐसे इनामी अपराधी हैं जो काफी वक्त से पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। वर्षों से फरार ये अपराधी तमाम कवायदों के बाद भी नहीं पकड़े जा सके हैं।
मुकदमों में नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट, कुर्की की कार्रवाई की जाती है, यदि इसके बावजूद वे पकड़ में नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ इनाम घोषित कराया जाता है। स्थानीय पुलिस से लेकर एसओजी के तेजतर्रार पुलिसकर्मियों को भी इन्हें पकड़ने के लिए लगाया जाता है। लेकिन जिले में 53 ऐसे भी इनामी हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए की गई हर कवायद अब तक नाकाफी साबित हुई है। इन पर दो हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक का इनाम घोषित है। इस सूची में 2011 से लेकर 2018 तक के इनामी अपराधी शामिल हैं। इन पर धोखाधड़ी से लेकर हत्या, लूट, रंगदारी, चोरी, डकैती तक के मामले दर्ज हैं।
Lady criminal
वांटेड लिस्ट में तीन ‘लेडी डॉन’ भी
लंबे समय से पुलिस को छका रहे कुल 53 इनामियों में तीन ‘लेडी डॉन‘ भी शामिल हैं। इनमें से एक शिखा श्रीवास्तव जार्जटाउन थाने के मुकदमे में 13 साल से वांछित है, जिस पर 25 हजार का इनाम घोषित है। इसी तरह दूसरी रिया उर्फ शीला महिला थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित है जो 11 साल से फरार है। एक अन्य माधुरी देवी निवासी हथिगवां प्रतापगढ़ है।
अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
झारखंड, असम तक के अपराधी
फरार चल रहे इनामियों में न सिर्फ प्रदेश बल्कि दूसरे राज्यों के भी अपराधी शामिल हैं, जो यहां अपराध कर फरार हो गए और अब तक पकड़ से दूर हैं। झारखंड के राजमहल, साहबगंज निवासी मुख्तार व असम के मोदीपुर, इंग्लिश रोड का खलील शेख दो ऐसे ही अपराधी हैं। इस सूची में अतीक अहमद के करीबी इमरान का भी नाम शामिल है।
- सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, जोन के सभी फरार इनामियों की सूची बनवाई गई है। इनके गृह जनपदों की पुलिस को भी पत्र भेजकर सूचना दे दी गई है। साथ ही अभियान चलाकर गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए गए हैं। - प्रेमप्रकाश, एडीजी जोन