(एमपीएमलए कोर्ट की खबरें)
पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल भेजे गए जेल
प्रयागराज। धोखाधड़ी के लंबित मुकदमे में शनिवार को चित्रकूट के पूर्व विधायक और ददुआ के पुत्र वीर सिंह पटेल ने एमपीएमएलए कोर्ट में सरेंडर कर जमानत अर्जी प्रस्तुत की। अभियोजन ने जमानत का विरोध कर अभियुक्त के आपराधिक इतिहास और रिपोर्ट पेश करने के लिए समय की मांग की। कोर्ट ने अभियोजन की मांग मंजूर कर जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख नियत की है। अभियुक्त की ओर से अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने की याचना की गई, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया और न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
यह आदेश विशेष कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता वीरेन्द्र सिंह उर्फ गोपाल जी को सुुुनकर दिया है। घटना 24 जुलाई 2008 की चित्रकूट के कोतवाली कर्वी की है। वादी प्रभारी निरीक्षक शशीकान्त सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि वादी जब रेलवे लाइन रहुटिया फाटक के पास पहुंचा तो देखा की एक व्यक्ति हाथ में रसीद बुक लिए ट्रक से वसूली कर रहा था। गिरफ्तार व्यक्ति हरीश चन्द्र के पास से पुलिस ने तीन अदद रसीद और उत्तर प्रदेश सरकार का मोनोग्राम छपा हुआ और एक हजार रुपए बरामद किए थे। उसने बताया कि वीर सिंह ने संत राम के नाम से तहबाजारी का ठेका लिया था। संतराम के कहने पर पैसा वसूल कर देता हूं।
वहीं रेलवे ट्रैक जाम करने के एक अन्य मुकदमे में पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल की जमानत अर्जी कोर्ट ने मंजूर कर ली है। प्रकरण 16 सितंबर 2009 की कर्वी थाने की है। आरोप है कि सांसद आर के पटेल की अगुआई में वीर सिंह पटेल और अन्य सपा कार्यकर्ताआें ने शंकर बाजार रेलवे फाटक के पास ट्रेन को रोक लिया और रेलवे लाइन जाम कर दी थी।
दुष्कर्म मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की हुई पेशी
0 पीड़िता ने कोर्ट में दी गवाही
प्रयागराज। जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को दुष्कर्म मामले में शनिवार को स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में पेश किया गया। प्रकरण में पीड़िता ने कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया है। अभियोजन की ओर से पीड़िता से जिरह की गई। बचाव पक्ष की ओर से पीड़िता से जिरह के लिए कोर्ट से समय की मांग की गई। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर 31 जनवरी की तारीख नियत की है।
यह आदेश विशेष कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने जेष्ठ अभियोजन अधिकारी राधा कृष्ण मिश्र और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है। प्रकरण लखनऊ के गौतमपल्ली थाने का है। पीड़िता ने 18 दिसंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उनके साथी अशोक तिवारी, पिन्टू सिंह, विकास वर्मा, चन्द्र पाल ,रुपेश, आशीष शुक्ला आदि पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार को प्रकरण में पीड़िता का बयान दर्ज हुआ। जेल से पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को कोर्ट में पेश किया गया।
पूर्व विधायक महबूब अली की जमानत मंजूर
प्रयागराज। सड़क पर जाम लगा कर कानून का उल्लंघन करने के मामले में अमरोहा के पूर्व विधायक महबूब अली ने शनिवार को स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर कर जमानते दाखिल करने पर रिहा कर दिया।
यह आदेश विशेष कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने दिया है। घटना दो जनवरी 2008 की मुरादाबाद के छजलैट थाने की है। आरोप है कि पूर्व मंत्री आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला के साथ लाल बत्ती और काला शीशा लगी पजेरो गाड़ी से जा रहे थे। पुलिस ने जांच के लिए रोका तो आजम खां ने अपने को पूर्व मंत्री बताते हुए धमकाया और पूर्व विधायक महबूब अली सहित अपने अन्य समर्थकों को बुला लिया और जमीन बैठ रास्ता जाम कर दिया और सरकार विरोधी भाषण देने लगे।
पूर्व जिला जज के निधन पर शोक
प्रयागराज। जिला अधिवक्ता संघ ने पूर्व जिला जज हरीशचन्द्र लाल के निधन पर शोक जताया है।
संघ के मंत्री मनोज सिंह लोकेश ने बताया कि एक शोक सभा संघ के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पूर्व जिला जज हरिशचन्द्र लाल के निधन पर शोक जताया गया। शोक सभा में मंत्री कृष्ण चन्द्र मिश्र, अमित निगम, लक्ष्मी कान्त मिश्र, नितिन दुबे, बृजेश ओझा, मनोज त्रिपाठी, जफर अहमद, अजय, आलोक, ईश्वर नाथ, अरुण पांडेय आदि उपस्थित रहे है।