यूक्रेन-रूस में युद्ध छिड़ा है। दोनों तरफ से जानमाल का नुकसान हो रहा है। इन सबके बीच भारतीय विद्यार्थियों का नुकसान भी उनसे कम नहीं है। उन्हें डर सता रहा है कि डॉक्टरी की डिग्री मिल पाएगी या नहीं। इसकी तस्वीर युद्ध समाप्ति के बाद ही साफ हो सकेगी। फिलहाल, डॉक्टरी की डिग्री को लेकर यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी सशंकित हैं।
एक और छात्र ने वीडियो जारी कर दिखाए हालात, मांगी मदद
कस्बा सादाबाद के कई छात्र अभी यूक्रेन में फंसे हैं। वह बमबारी से बचने के लिए बंकर में ठहरे हैं। एक छात्र ने वीडियो जारी कर वहां से हालात बयां किए हैं और मदद मांगी है। बच्चों के सुनहरे भविष्य को देखते हुए कस्बा सादाबाद के कई लोगों ने बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए बड़ी उम्मीदों से यूक्रेन भेजा था, लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग से इन विद्यार्थियों की जान पर बन आई है। यहां परिजन उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रविवार को खारकीव में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे दक्ष चौधरी ने पिता अनुज चौधरी को एक वीडियो भेजा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि खारकीव में रहने वाले सभी मेडिकल विद्यार्थी बंकर में शरण लिए हुए हैं। यहां रात को माइनस दो डिग्री तापमान हो जाता है। खाने-पीने और दवाओं का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। इसके अलावा यूक्रेन के नक्शे पर छात्र ने अपनी लोकेशन को बताते हुए मदद मांगी है। उस नक्शे में यह बताया गया है कि वह यूक्रेन में किस जगह ठहरे हुए हैं और उन्हें भारत पहुंचने के लिए यूक्रेन के किस हिस्से में पहुंचना है। यह दूरी काफी लंबी है।
यूक्रेन में फंसे 11 विद्यार्थियों की नहीं हुई स्वदेश वापसी
यूक्रेन में फंसे हाथरस के निवासी विद्यार्थियों की सकुशल वतन वापसी के प्रयासों की प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की ओर से यूक्रेन में फंसे यहां के छात्र-छात्राओं के परिजनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अभी तक वह घर नहीं लौटे हैं। परिजन भी अपने बच्चों की वापसी की राह देख रहे हैं। उनकी सलामती को लेकर परिजन चिंतित हैं और उन्हें आशंकाएं परेशान कर रही हैं।
जिले की तहसील सदर के दो और सादाबाद तहसील के नौ छात्र-छात्राएं यूक्रेन में फंसे हैं। इनमें से कई छात्र-छात्राएं अब दूतावास की मदद से फ्लाइट के जरिये रोमानिया सीमा पर होते हुए निकल लिए हैं। प्रशासन की ओर से परिजनों से संपर्क कर बच्चों के कुशल क्षेम के बारे में जानकारी ली जा रही है। वहीं परिजन इनकी सलामती को लेकर काफी बेचैन हैं। वह अपने बच्चों के लगातार संपर्क में हैं।