अकराबाद थाना क्षेत्र के सिहोर गांव में बुखार से 22 वर्षीय युवक एवं 55 वर्षीय महिला की मौत से लोग सहम गए हैं। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर जांच-पड़ताल में जुट गई है। युवक का उपचार शहर के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था, जहां किट जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि अधिकारी एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट से ही डेंगू की पुष्टि करते हैं।
दो लोगों की मौत की सूचना मिलने के बाद सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सिहोर गांव पहुंच गए। मृतक सोनू (24) के पिता योगेश ने बताया कि सोनू को 19 सितंबर को बुखार आया था। 20 को एक निजी अस्पताल में दिखाया गया, जहां से मरीज को जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। योगेश का कहना है कि जेएन मेडिकल कॉलेज द्वारा भर्ती करने से मना करने पर सोनू को अंतत: वरुण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वरुण हॉस्पिटल में सोनू को प्लेटलेट्स चढ़ाई गई। 21 को तबियत ज्यादा खराब होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके अतिरिक्त उसी गांव की बुखार से पीड़ित 55 वर्षीय नीरज पत्नी कमल कुमार की मौत हुई है। नीरज 21 सितंबर को गांव के विद्यालय में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में बुखार की दवा लेने पहुंची थीं। 22 सितंबर को तबियत ज्यादा खराब होने पर रुचि हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां मौत हो गई। जनपद में बुखार से अब तक दो बच्चे सहित पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
मृतक के घर में तीन लोग बुखार से पीड़ित, अस्पताल जाने से इंकार
मृतक सोनू के घर में तीन लोग बुखार से पीड़ित हैं। अधिकारियों ने मलखान सिंह जिला चिकित्सालय एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में मृतकों को भर्ती कराने का प्रयास किया। एंबुलेंस भी मंगा ली, लेकिन परिवार के सदस्य अस्पताल जाने को तैयार नहीं हुए।
कूलर-फ्रिज में डेंगू का लार्वा
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बुखार से पीड़ित लोगों के घर पर जाकर कूलर, फ्रिज एवं पानी के पात्रों को चेक किया गया। कई घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया। गांव लालू खेड़ा एवं शहवाजपुर गांव में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि शिविर में 280 मरीजों को देखा गया। 134 लोगों की मलेरिया एवं 88 लोगों की डेंगू जांच की गई। किट जांच में सभी मरीज डेंगू निगेटिव पाए गए।
ये पहुंचे गांव में
हरदुआगंज सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ब्रजमोहन, संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. हशमत उस्मानी, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. रोहित गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. शोएब आदि पूरी टीम के साथ सिहोर में पहुंचे और प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों को देखा।