बुल्डोजर ने ऋषि शर्मा के फार्म हाउस की चाहरदीवारी को गिरा दिया है। साथ ही प्रशासन ने कहा कि हम इसकी और संपत्ति का पता लगा रहे हैं, जहां भी उसने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, हम उसको हटाएंगे। जहां कहीं भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, उसको हटाना हमारी प्राथमिकता है।
शराब माफिया और तथाकथित भाजपा नेता ऋषि शर्मा के खिलाफ प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई की। उसके फार्म हाउस पर बुल्डोजर चलाया गया है। अलीगढ़ के थाना जवां इलाके में कार्रवाई चल रही है। चकरोड की जमीन पर फार्म हाउस बना रखा है।
विज्ञापन
बुल्डोजर ने ऋषि शर्मा के फार्म हाउस की चाहरदीवारी को गिरा दिया है। साथ ही प्रशासन ने कहा कि हम इसकी और संपत्ति का पता लगा रहे हैं, जहां भी उसने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, हम उसको हटाएंगे। जहां कहीं भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, उसको हटाना हमारी प्राथमिकता है। जिले में जितने भी चिन्हित शराब माफिया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ऋषि शर्मा पर अब 75 हजार का इनाम घोषित करने की तैयारी
शराब कांड के पांच मुख्य आरोपियों में शामिल 50 हजार के इनामी तस्कर ऋषि शर्मा पर अब 75 हजार का इनाम घोषित करने की तैयारी है। इसे लेकर एसएसपी स्तर से एडीजी को इनामी राशि बढ़ाने की संस्तुति की गई है। एडीजी ने स्वीकारा है कि इनाम बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शनिवार तक इनामी राशि बढ़ा दी जाएगी। बता दें कि ऋषि की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। अब तक उसके परिवार के पांच सदस्यों को जेल भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
ऋषि की संपत्तियों की कुर्की की तैयारी
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इस कांड में अब तक जो मुख्य आरोपी प्रकाश में आए। सभी जेल भेज दिए गए हैं। मुख्य आरोपियों में शामिल ऋषि अभी तक फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में इनाम की राशि बढ़ाकर 75 हजार किए जाने की संस्तुति एडीजी जोन स्तर पर की गई है। साथ में अगर जल्द वह हाजिर न हुआ या गिरफ्तार न हुआ तो उसकी संपत्तियों की कुर्की कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। इसे लेकर पुलिस स्तर से कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मरने वालों की संख्या 100 के पार
बता दें कि जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 100 के पार हो गई। गंग नहर की पटरी पर किसी शराब तस्कर द्वारा फेंकी गई जहरीली शराब पीने से 10 भट्टा मजदूरों की मौत हो गई। कई मरीजों की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने शुक्रवार को ईंट भट्ठों के मालिकों साथ बैठक की। जिला प्रशासन ने सभी ईट भट्ठा मालिकों से कहा है कि वे अपने यहां कार्यरत मजदूरों को इस बात से आगाह करें कि पुलिस की छापेमारी के डर से शराब व्यापारियों द्वारा नहरों और सुनसान इलाकों में फेंकी गयी शराब का वे इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। कई गांवों में ग्रामीणों को किसी भी तरह की फेंकी गयी शराब से सावधान रहने की चेतावनी देने वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं।