उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि विकसित किए गए सभी पौधों में जड़ों का सफल निर्माण हुआ और ग्रीनहाउस में प्रत्यारोपित करने के बाद हर पौधा जीवित रहा। दुर्लभ औषधीय वनस्पति फ्लोमिस ब्रैक्टियोसा को लेकर प्रो. अनवर शहजाद के निर्देशन में आशिक यूसुफ भट ने शोध किया है। शोध रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जर्नल स्प्रिंग नेचर में भी छपी है।
फ्लोमिस ब्रैक्टियोसा में औषधीय संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में लैब आधारित बड़े पैमाने पर संवर्धन से न केवल प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम होगा, बल्कि दवा उद्योग को भी गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। इस तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर अपनाया जाता है तो स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।-प्रो. अनवर शहजाद, वनस्पति विज्ञान विभाग, एएमयू
दांत और खांसी-जुकाम में भी राहत
फ्लोमिस ब्रैक्टियोसा, जिसे कभी-कभी बैंगनी जेरूसलम ऋषि भी कहा जाता है, मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और अफगानिस्तान में पाए जाने वाले पुदीना परिवार का एक औषधीय और बारहमासी पौधा है। इस पारंपरिक औषधीय पौधे से दांत के दर्द में राहत मिलती है। इसकी पत्तियों के चूरन का उपयोग चाय के साथ मिलाकर खांसी और जुकाम के इलाज के लिए किया जाता है। इसके फूलों को पीसकर दांत दर्द से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।