ऐसा घोटाला जिसमें बंदर खा गए चीनी
छेरत स्थित यह सहकारी चीनी मिल 1975 में स्थापित हुई थी। यह मिल एक बड़े घोटाले के चलते 2021-22 से बंद है। मिल में ऑडिट के दौरान 35 लाख रुपये की चीनी (करीब 1100 क्विंटल) गायब होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया था, जिसे लेकर अधिकारियों ने दावा किया कि यह चीनी बंदर खा गए थे। इस हेराफेरी के लिए मिल के प्रबंधक और लेखाधिकारी सहित छह अधिकारियों को दोषी पाया गया था और उनके खिलाफ रिकवरी व एफआईआर दर्ज हुई। मिल को दोबारा शुरू करने और किसानों के भुगतान के लिए लगातार धरने-प्रदर्शन भी हुए हैं।
चुनावी साल से पहले लाभार्थियों का गणित
प्रभारी मंत्री ने पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं को साधने की कोशिश करते हुए कहा कि जिले में 93 हजार छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। छात्रों और उनके परिवारों तक पहुंच बनाने का प्रयास करते हुए उन्होंने कहा कि पांच लाख से ज्यादा छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। जमीन पर विकास दिखाने के लिए 633 किमी सड़क निर्माण के आंकड़े जारी किए। शहरी और अर्धशहरी गरीब वर्ग पर फोकस करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना से 69 हजार रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को 110 करोड़ रुपये का ऋण दिलवाया। उन्होंने मध्यम वर्ग और नए लाभार्थी समूह के लिए कहा कि 12 हजार से अधिक छतों पर सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय, फ्लाईओवर, यमुना नदी सेतु जैसी बड़ी योजनाओं को चुनावी नैरेटिव का हिस्सा बनाने का प्रयास किया।