राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने स्वीकारा कि संगठन के लोगों के बीच मनमुटाव चल रहा था, जिसे दूर करने को यह बैठक आयोजित हुई थी। इसमें एक-दूसरे से नाराज पदाधिकारियों के आपसी गिले-शिकवों को दूर कर लिया गया है। किसान संगठन को मजबूत बनाना पहला लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसानों का किसी भी स्तर पर होने वाला उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अग्निपथ योजना के खिलाफ टप्पल क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर मुकदमा वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि आंदोलन के मुकदमें वापस होने चाहिए। यह परंपरा रही हैं कि जब भी बड़ा आंदोलन होता है और उसमें मुकदमे लिखे जाते हैं तो समझौते के आधार पर मुकदमें वापस हो जाते हैं। इस मामले में जिला प्रशासन से बातचीत कर मुकदमों को वापस कराया जाएगा। उधर, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आने की खबर पर पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के होश उड़ गए। एसडीएम व सीओ खैर फोर्स के साथ कुराना, टप्पल पहुंच गए। हालांकि किसान नेता के बैठक के बाद चले जाने पर प्रशासनिक अफसरों ने राहत की सांस ली।