छात्राओं का आरोप हैं कि पीएचडी छात्र-छात्राएं अपने अपने हॉस्टल में रह रहे हैं। लेकिन बेगम सुल्तान जहां हॉल में सात छात्राओं को नहीं रखा जा रहा है। हॉल की प्रोवोस्ट कह रही हैं, तीन दिन में हॉस्टल में रुकना है या नहीं है, इसका फैसला हो जाएगा। मगर हमारी मांग है कि उन्हें हॉस्टल में रुकने दिया जाए। छात्राओं से अनुबंध मांगा जा रहा है, जबकि 150 पीएचडी विद्यार्थी बिना अनुबंध के रह रहे हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की पीएचडी छात्राओं ने हॉस्टल खाली कराने के विरोध में 3 अगस्त रात करीब नौ बजे बाब-ए-सैयद (मुख्य द्वार) बंद कर दिया। बैग और अन्य सामान के साथ उन्होंने बाब-ए-सैयद पर धरना दिया। इससे पहले दिन में छात्रों ने बाब-ए-सैयद बंद कर धरना-प्रदर्शन किया।
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छात्राओं का कहना था कि पीएचडी छात्र-छात्राएं अपने अपने हॉस्टल में रह रहे हैं। लेकिन बेगम सुल्तान जहां हॉल में सात छात्राओं को नहीं रखा जा रहा है। हॉल की प्रोवोस्ट कह रही हैं, तीन दिन में हॉस्टल में रुकना है या नहीं है, इसका फैसला हो जाएगा। मगर हमारी मांग है कि उन्हें हॉस्टल में रुकने दिया जाए। छात्राओं से अनुबंध मांगा जा रहा है, जबकि 150 पीएचडी विद्यार्थी बिना अनुबंध के रह रहे हैं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर के जरिये उन पर दबाव बनवाया जा रहा है। जब वह बाब-ए-सैयद पर आ गईं तो प्रोवोस्ट कह रही हैं कि उन्हें कमरा दे देंगी। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि छात्राओं की पीएचडी के पांच साल पूर्ण हो चुके हैं। अब वह नियमानुसार यूनिवर्सिटी की छात्राएं नहीं हैं।
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इससे पहले दोपहर दो बजे छात्रों ने बाब-ए-सैयद बंद कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक गेट बंद रहा। दिसंबर 2023 में परीक्षा के दौरान तीन छात्रों के पास नकल सामग्री मिलने का आरोप है। उनका प्रकरण अनुशासन समिति के पास है। पीएचडी छात्र मोहम्मद उमैर ने बताया कि इंतजामिया समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। वह लगातार विद्यार्थियों से दूरी बनाती जा रही है। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि तीन छात्रों के पास नकल सामग्री होने की पुष्टि हो गई है। एक छात्र को तीन साल के लिए परीक्षा से डिबार कर दिया गया है, जबकि दो छात्रों को एक-एक साल के लिए डिबार किया गया है।
एक दिन में तीन धरना-प्रदर्शन
एएमयू को खुले महज चार दिन ही हुए हैं, लेकिन धरना-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। 3 अगस्त को एएमयू में अलग-अलग समय पर तीन धरना-प्रदर्शन हुए। पहले दैनिक कर्मचारियों ने नौकरी से निकाले जाने और वेतन रोके जाने को लेकर कुलसचिव कार्यालय पर धरना दिया। फिर दोपहर में परीक्षा में मनमानी तरीके से फंसाने के आरोप में छात्रों ने बाब-ए-सैयद बंद किया। रात में हॉस्टल खाली कराने को लेकर पीएचडी छात्राओं ने बैग, अटैची के साथ बाब-ए-सैयद पर धरना दिया।