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यूपी: यूपी के इस जिले में बच्चों को जंजीरों में बांधकर सोते हैं मां-बाप, चौंकाने वाली है वजह

Wed, 07 Jul 2021 09:59 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

परिजनों का कहना है कि दो हफ्ते पहले रात को सोते वक्त उनकी एक दो वर्ष की मासूम बच्ची को बच्चा चोर चोरी कर ले गए। जिसका मुकदमा पुलिस थाने में दर्ज तो हो गया। लेकिन अभी तक पुलिस उसका कोई सुराग नहीं हो खोज सकी है। बच्चा चोर गैंग के भय से मां-बाप मासूम बच्चों को क्रूरता भरी नींद देने को मजबूर हैं।
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जंजीरों में बंधा बच्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के थाना महुआ खेड़ा इलाके के क्वार्सी बाईपास स्थित सरोज नगर कॉलोनी के बाहर झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले परिवार अपने बच्चों को लोहे की जंजीर और ताले में जकड़ कर रखने को मजबूर हैं। इस दृश्य को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है और लोग इसे मानव क्रूरता की नजर से भी देखते हैं। 
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लेकिन बच्चों को इस क्रूरता के साथ रखने के लिए उनके मां-बप भी मजबूर हैं। उनका कहना है कि दो हफ्ते पहले रात को सोते वक्त उनकी एक दो वर्ष की मासूम बच्ची को बच्चा चोर चोरी कर ले गए। जिसका मुकदमा पुलिस थाने में दर्ज तो हो गया। लेकिन अभी तक पुलिस उसका कोई सुराग नहीं हो खोज सकी है। 

बच्चा चोर गैंग के भय से मां-बाप मासूम बच्चों को क्रूरता भरी नींद देने को मजबूर हैं। दरअसल अलीगढ़ के महुआ खेड़ा थाना इलाके के क्वार्सी बाईपास स्थित सरोज नगर, गली नं 6 के नजदीक नीलाधर और राजा नाम के बंजारों व लोहार के परिवार झुग्गी-झोपड़ी में रहते हैं। 
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परिजनों ने बताया कि विगत 22 जून की रात्रि झुग्गी के बाहर मां के साथ सो रही करीब दो वर्ष की मासूम बेटी शिवानी को बच्चा चोर गैंग चोरी कर ले गया। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। लेकिन करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी बच्ची का पुलिस कोई भी सुराग नहीं खोज सकी है। 
 
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परिजनों का कहना है कि अब बच्चों को लेकर बहुत डर लगता है कि कहीं, इन बच्चों में से कोई बच्चा चोरी न हो जाए। इसी लिए दिन हो या रात, जब भी घर बड़े सदस्य नींद लेते हैं तो बच्चों को चारपाई व पलंग पर लोहे की जंजीर और ताले से बांध देते हैं। जिससे कि कोई उन्हें एक दम चोरी न कर सके। हालांकि यह भी कहा कि बच्चों को इससे पीड़ा होती है। 

बच्ची के परिजनों ने भड़ास निकालते हुए कहा कि अगर हम अमीर होते तो हमारी सुनी जाती, हम गरीबों की कौन सुनेगा। बच्चे सुरक्षित रहें और रात को सोते समय उठाकर कोई न ले जा सके, इसलिए मां-बाप को दिल पर पत्थर रखकर अपने बच्चों के बचपन को जंजीरों में कैद करना पड़ रहा है।
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