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अलीगढ़ः ओटीपी नंबर बना स्मार्ट वितरण व्यवस्था में रोड़ा

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शासन द्वारा फर्जी लाभार्थियों पर अंकुश लगाए जाने के लिए आंगनबाड़ियों के लिए स्मार्ट फोन देकर स्मार्ट राशन व्यवस्था लागू की गई है। व्यवस्था में लाभार्थी के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी नंबर रोड़ा बन गए हैं। लाभार्थी इस ओटीपी नंबर के दुरुपयोग की आशंका के चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को ओटीपी नंबर देने से बच रहे हैं। इससे छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को राशन वितरण में बाधा आ रही है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों से होने वाले राशन(पोषाहार) वितरण के समय अक्सर शिकायत बनी रहती थी कि अपात्रों को राशन दिया जा रहा है। या फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वितरण के बजाय राशन की कालाबाजारी कर रही हैं। इस समस्या से निपटने के लिए हाल ही में शासन ने स्मार्ट वितरण की व्यवस्था की है। इसके तहत सभी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दिए गए हैं। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों या फिर घरों में रहने वाली गर्भवती व धात्री महिलाओं के घर जाकर उनके नामों का सत्यापन करें और उनके नाम व मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में फीड करेंगी। इसके बाद लाभार्थी के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। लाभार्थी को यह ओटीपी आंगनबाड़ी को बताना पड़ेगा। इसके बाद ही विभागीय सिस्टम उसे वास्तविक लाभार्थी मानेगा। लाभार्थी की सिस्टम पर स्वीकृति के बाद ही उसे राशन का वितरण होगा। लेकिन ओटीपी नंबर कार्यकर्ता को देने की व्यवस्था परवान नहीं चढ़ पा रही है। लाभार्थी ओटीपी के दुरुपयोग की आशंका के चलते यह नंबर आंगनबाड़ी को देने से बच रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार ने स्वीकार किया कि ओटीपी के दुरुपयोग की आशंका से कई लाभार्थी इस नंबर को कार्यकर्ता को देने से बच रहे हैं। इससे वितरण प्रभावित हो रहा है।
सिम में इंतजार में कई आंगनबाड़ी
सरकार ने हाल ही में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए हैं। अब पुष्टाहार वितरण का समूचा ब्यौरा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के फोन में रहेगा। लेकिन जिले की अधिकांश आंगनबाड़ी फोन के साथ शासन से सिम भी मिलने का इंतजार कर रही हैं। एक आंगनबाड़ी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जब शासन से सिम मिलेगा तब वितरण की नई व्यवस्था लागू होगी। डीपीओ श्रेयस कुमार ने बताया कि किसी भी आंगनबाड़ी को सिम देने की व्यवस्था नहीं है। आंगनबाड़ी जो सिम पहले से उपयोग करती हैं, वह स्मार्ट फोन में लगाकर इस्तेमाल कर सकती हैं। रीचार्ज के लिए उन्हें शासन की ओर से 200 रुपया महीना दिया जाएगा।
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