यह व्यवस्था ट्रायल के तौर पर शुरू की गई है। इसे एक सप्ताह में प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को सभी चौराहों से बसों को अंदर यानि गांधी पार्क तक आने से रोका गया है। आगे भी कुछ दिन यही व्यवस्था रहेगी। एक सप्ताह बाद चालान या अन्य कार्रवाई होगी।-मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी यातायात
यह विषय बैठक में यातायात पुलिस द्वारा लाया गया था। मगर हमारा तर्क है कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था न हो, इस तरह से बसों को रोकना संभव नहीं है। इससे यात्रियों को परेशानी होगी और राजस्व को भी नुकसान होगा। हमने 1 1 1 एक फरवरी को भी मंडलायुक्त के समक्ष अपनी बात रखी है। हमने विकल्प के तौर पर जमीन मांगी है। मगर अभी तक कोई निर्णय लिया जाएगा।-सत्येंद्र वर्मा, आरएम रोडवेज
बस अगर यहां से नहीं आनी हैं तो इसकी पहले से घोषणा करनी चाहिए थी। अब घंटों इंतजार के बाद भी बस नहीं मिल रही। यहां कोई कुछ बताने वाला नहीं है।-इब्राहिम,यात्री निवासी एटा
बस कहां से चलेंगी ये बात स्टाफ बता दे तो कोई दिक्कत नहीं। हम दूसरी जगह चले जाएंगे। मगर यहां कोई कुछ सही जानकारी देने वाला नहीं है। सभी बरगला रहे हैं।-राजकुमारी, यात्री निवासी हाथरस
ये है स्थिति
- करीब 275 बसों को गांधीपार्क से किया जाता है रवाना
- करीब 250 बसों को मसूदाबाद से किया जाता है रवाना
इन रूटों पर चलती हैं यहां से बसें
आगरा, एटा, कासगंज, मथुरा, हाथरस के अलावा दिल्ली-कानपुर, मुराबादाबाद, बदायूं, राजस्थान मध्य प्रदेश, हरिद्वार-देहरादून आदि तक को इस बस स्टैंड से बसों का आवागमन रहता है।