बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह और उनके नाती विजय कुमार सिंह ने कहा है कि कई अस्पतालों में ऑक्सीजन के नाम पर एक से दो हजार रुपये प्रति घंटे वसूल जा रहे हैं। मरीजों के तीमारदारों से ऑक्सीजन मंगवाई जा रही है। गैस प्लांटों से मिल रही ऑक्सीजन को अस्पतालों के नाम पर आवंटित दिखा उसकी जमकर कालाबाजारी हो रही है।
विजय सिंह ने एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के उस बयान की भी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कई दिनों से ऑक्सीजन नहीं मिलने की बात की थी, क्योंकि राधिका इंडस्ट्रियल गैस के रिकार्ड में जेएन मेडिकल कॉलेज को 20 सिलिंडरों की आपूर्ति अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) के निर्देशों के क्रम में की गई है। विजय कुमार ने कहा है कि प्लांट के बाहर मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ लोगों व चंद अस्पतालों को विशेष कृपा के तहत ऑक्सीजन दी जा रही है जिसमें वकार हॉस्पिटल, यूनिवर्सल गैस एजेंसी सहित अन्य अस्पताल सम्मिलित हैं।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल गैस एजेंसी को दिये जा रहे सिलिंडरों का हिसाब किताब नहीं मिल रहा है कि ये एजेंसी गैस लेने के बाद किस किस अस्पताल को दे रही है। कुछ लोगों द्वारा शंका व्यक्त की गई है कि तीनों गैस प्लॉटों से अस्पतालों के नामों पर आवंटित सिलिंडरों को वहां से प्राप्त कर खुले मार्केट में कालाबाजारी की जा रही है।
संज्ञान में आया है कि कुछ अस्पताल मरीज को ऑक्सीजन पर रखने के लिए 1000-2000 रूपये प्रति घंटे की वसूली कर रहे हैं। बरौली विधायक ने गत 20 दिनों में प्रत्येक प्लांट से सभी गैस एजेंसी सहित सभी अस्पतालों को निर्गत किये गये ऑक्सीजन सिलेण्डरों के वितरण एवं उपयोग की जांच कराने की मांग की है। साथ ही तीनों गैस प्लांटों से प्रतिदिन जारी होने वाले सिलिंडरों की गत दिन की सूची सूचनापट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का सुझाव दिया। विधायक ने इस प्रकरण में दोषी लोगो के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर कठोर कार्यवाही की मांग की।