स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी, इनोवेटिव आइडिया और स्टार्टअप का भी सहारा लिया जाएगा। स्टार्ट अप के जरिये शहर को स्वच्छ बनाने वालों को नगर निगम सहयोग करेगा। हालांकि, अभी तक स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का परिणाम नहीं आया हैं, लेकिन स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के लिए दिसंबर से तैयारियां प्रारंभ हो जाएंगी। सफाई व्यवस्था में सहयोग करने वाले लोगों की नगर निगम सूची भी तैयार करेगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण में अलीगढ़ देश में वर्ष 2018 में 173, 2019 में 145 और 2020 में 30वें स्थान पर रहा। 145 से 30वीं रैंक पर पहुंचने का श्रेय शहरवासियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पार्षदों एवं विशेष रूप से सफाई कर्मचारियों को जाता है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में देश के टॉप तीन शहरों में शामिल होने का लक्ष्य तय किया गया था। इसका परिणाम अभी नहीं आया है, लेकिन स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं, इसमें इनोवेशन, तकनीक और स्टार्ट अप जैसे नए बिंदु जोड़े गए हैं। इसके तहत अब सफाई व्यवस्था में सहयोग करने वाले लोगों को प्रमोट किया जाएगा। इससे स्वच्छता रैंकिंग के लिए नगर निगम अधिक से अधिक नंबर लेने का प्रयास करेगा। लोगों की साफ-सफाई से संबंधित शिकायतें दूर करने के लिए कोई एप बनाना हो या फिर कचरे से कोई प्रोडक्ट तैयार करना, ऐसे स्टार्ट अप ही अब स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को नंबर दिलाएंगे। नगर निगम की ओर से ऐसे स्टार्ट अप की मदद की जाएगी। तकनीकी व व्यवहारिक समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए अधिकारी प्रयास करेंगे।
2020 की रैंकिंग सुधार में यह थे सफलता के प्रमुख बिंदु
- ओडीएफ डबल प्लस, गारबेज फ्री सिटी रैंकिंग, वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण, सूडा-डूडा की योजनाओं के तहत गरीबों के उत्थान का कार्य, प्रमुख फ्लाई ओवर का सौंदर्यीकरण आदि।
अगले स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर दिसंबर में तैयारियां प्रारंभ करेंगे। केंद्र सरकार ने इस विषय पर ड्राफ्ट भेजा है। उसका अध्ययन कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी, इनोवेटिव आइडिया और स्टार्टअप जैसे नए विषय स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हो गए हैं। नगर निगम की ओर से ऐसे स्टार्ट अप को प्रमोट किया जाएगा।
- डॉ. ओपी गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम