एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के जेआर-वन डॉक्टर्स की चौथे दिन भी हड़ताल जारी रही। हालांकि, 50 फीसदी जेआर-वन डॉक्टर्स रविवार को काम पर लौट आए हैं। वह नीट की काउंसिलिंग न होने से नाराज है। सोमवार को भी चिकित्सा व्यवस्था पर असर पड़ा है। जेआर-वन की काउंसिलिंग न होने से वह प्रोन्नत नहीं हो पा रहे हैं।
डॉक्टर्स ने बताया कि 16 से 20 घंटे तक लगातार काम करना पड़ रहा है। हर वर्ष जूनियर डॉक्टर्स -वन आने के बाद पहला बैच प्रोन्नत होकर जेआर-टू में चला जाता है, लेकिन इस बार अभी काउंसिलिंग नहीं हुई है। मामला अदालत में चल रहा है ।16 नवंबर की तारीख है। प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद वसीम ने बताया कि कुछ डॉक्टर काम पर वापस आ गए हैं, जो अभी तक नहीं आए हैं, उनको मनाने का प्रयास किया जा रहा है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. आदिल ने बताया कि आधे जूनियर डॉक्टर्स वन आधे काम पर आ गए हैं।