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अलीगढ़ः अम्बियापुर-रूरा के बीच मालगाड़ी डीरेल, अलग-अलग रूटों से दौड़ीं मुसाफिर ट्रेनें

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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री। - फोटो : CITY OFFICE
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कानपुर के निकट अम्बियापुर-रूरा रेलखंड सेक्शन में मालगाड़ी डीरेल हो जाने से शुक्रवार को पूरे दिन रेल यातायात प्रभावित रहा। जीएन-155 नाम की ये मालगाड़ी गाजियाबाद में माल उतार कर कानपुर स्थित जीएमसी यार्ड जा रही थी। सुबह 4.10 बजे हुए इस हादसे से अप और डाउन रूट का यातायात बंद हो गया। अप रूट पर ट्रेनों को कानपुर-फर्रूखाबाद-शिकोहाबाद के रास्ते से टूंडला लाया गया। डाउन रूट पर गाजियाबाद-मुरादाबाद-लखनऊ रूट से ट्रेनों को गुजारा गया। कई ट्रेनों को आगरा-मथुरा के रास्ते से चलाया गया। हादसे से 50 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुईं। वहीं, 1795 लोगों ने अपने आरक्षित टिकट निरस्त कराए। देर रात यातायात को दुरुस्त करने की कवायद होती रही।
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दशहरा के दिन हादसा होने से यात्रियों को अधिक परेशानी हुई। एचएडी (हाथरस-अलीगढ़-दिल्ली) ट्रेन को सुबह 6.56 बजे और टूंडला पैसेंजर को सुबह 7.56 बजे रवाना किया गया। टूंडला से दिल्ली की ओर चलने वाली ट्रेनों को यथावत चलाया गया। उाउन रूट से चलने वाली लंबी दूरी की शताब्दी एक्सप्रेस, कालका एक्सप्रेस, टाटा मूरी एक्सप्रेस, नंदन कानन एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, आनंद विहार जोगबनी एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस को वाया मुरादाबाद होकर चलाया गया। गोमती एक्सप्रेस और महाबोधि एक्सप्रेस रद रहीं। कानपुर से आने वाली अप रूट की ट्रेनों को कानपुर-फरुर्खाबाद-शिकोहाबाद के रास्ते टूंडला होते हुए अलीगढ़ से दिल्ली रवाना किया गया। डाउन रूट की ट्रेनों को गाजियाबाद-मुरादाबाद-लखनऊ के रास्ते से दौड़ाया गया। आगरा-मथुरा पलवल के रास्ते भी कई ट्रेनें चलीं।
तीन अक्तूबर को दाउद खां पर डीरेल हुई थी मालगाड़ी
अलीगढ़। दाउद खां रेलवे स्टेशन पर डीरेल हुई मालगाड़ी के मामले में अब तक कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है। तीन अक्तूबर को डाउन रूट पर दाउद खां के पास मालगाड़ी डीरेल हो गई थी। इस मामले में 95 किमी की स्पीड से दौड़ रही मालगाड़ी के गुजरने के दौरान ही रेल फ्रैक्चर होने से डीरेलमेंट होने की बात बताई जा रही है। रेल फ्रैक्चर के कारणों में रेलपथ विभाग को दोषी माना जा रहा है। शुक्रवार को हुए हादसे को लेकर भी कुछ ऐसी ही बातें हो रही हैं। हालांकि, हादसे की वजह ज्वाइंट नोट बनने के बाद सामने आएगी। ज्वाइंट नोट रेलवे के अलग-अलग विभागों के अधिकारियों द्वारा बनाया जाएगा, जो घटना के बाद मौके पर पहुंचे हैं। खास बात ये है कि दाउद खां के पास मालगाड़ी पलटने के महज 12 दिन में उसी रूट पर दूसरी घटना से रेलवे अफसरों के होश उड़े हैं।
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हम परिवार के साथ अनूपशहर रोड से सुबह अलीगढ़ आए। यहां से रांची जाने के लिए टाटा मूरी एक्सप्रेस पकड़नी थी, लेकिन अब उस ट्रेन को रद कर दिया गया है, जिससे हम दूसरे साधन की तलाश कर रहे हैं।
- कन्हैया चौधरी, अनूपशहर रोड।
नीलांचल एक्सप्रेस से कटक जाना था, लेकिन अब कोई ट्रेन नहीं मिल रही है, जिससे परेशानी हो रही है। अब दूसरे साधन की तलाश कर रहा हूं। ट्रेनों के रद होने की सूचना भी सही समय पर नहीं मिल रही है। जिससे सैकड़ों मुसाफिर उलझन में रहे हैं।
- राजेश कुमार, बुलंदशहर।
हेल्पलाइन नंबर शुरू
अलीगढ़। मालगाड़ी डीरेल होने के बाद जब रेल यातायात पटरी से उतर गया तो मुसाफिरों को जानकारी देने के लिए स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन चालू की गई। मोबाइल नंबर 707824 5661 पर इस हेल्पलाइन को चालू किया गया। इसके अलावा 139 से भी मुसाफिरों को जानकारी दी गई।
अफसरों का दौरा असमंजस में
अलीगढ़। मालगाड़ी के डीरेल होने के बाद शनिवार को अलीगढ़ जंक्शन पर शनिवार को अधिकारियों का निरीक्षण असमंजस में पड़ गया है। हादसे से पूर्व शनिवार को एडीएआरएम इंफ्रास्ट्रक्चर अतुल गुप्ता और सीनियर डिवीजनल इंजीनियर सहित अन्य अधिकारियों की बैठक शनिवार को होनी तय थी, लेकिन डीरेलमेंट के बाद शुक्रवार देर शाम तक यातायात सुव्यवस्थित नहीं हो पाने के कारण इस बैठक को रद माना जा रहा है।
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