पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में महिला की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एवं वार्ड आया के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर चले गए। करीब तीन घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। अधिकारियों के समझाने एवं मरीजों की परेशानियों को देखते हुए चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी काम पर लौटे।
अतरौली थाना क्षेत्र के मऊपुर निवासी 20 वर्षीय पिंकी पत्नी विजय गुप्ता को लेकर परिजन शुक्रवार सुबह 6 बजे अस्पताल पहुंचे। पिंकी के पति दिल्ली में काम करते हैं और वह मायके में आई थीं। पिंकी के सिर में तेज दर्द था और उल्टी कर रही थीं। इमरजेंसी में दिखाने के बाद पिंकी को वार्ड नंबर 46 के बेड नंबर 14 पर भर्ती करा दिया गया। उसे ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि पिंकी को देखने डॉक्टर नहीं पहुंचे। इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई।
परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। चिकित्सकों का आरोप है कि अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके सिंघल और वार्ड आया नीतू के साथ मारपीट की गई। डॉ. सिंघल का कहना है कि उन्हें थप्पड़ मारे गए और उनके सिर को दीवार से टकराने की भी कोशिश की गई। अधिकारियों के पहुंचने पर वह किसी तरह बचकर निकल पाए। महिला कर्मी नीतू ने भी मारपीट करने का आरोप लगाया है। वार्ड में सामान को इधर-उधर फेंकने का आरोप है।
घटना की सूचना के बाद काफी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए। एसीएम अंजुम बी और सीओ श्वेताभ पांडे ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। बाद में पिटाई से नाराज डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर चले गए, जिसके कारण तीन घंटे से अधिक समय तक इमरजेंसी एवं ओपीडी सेवाएं ठप रहीं। दहशत में वार्ड में भर्ती कुछ मरीज अस्पताल से चले गए। इस बीच उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को भी वापस लौटना पड़ा। इस मामले में पीड़ित परिवार एवं डॉक्टर तथा स्टाफ की ओर से तहरीर दी गई है। मृतक के परिजन डॉक्टर एवं स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। करीब तीन घंटे बाद डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी काम पर लौटे।
रो-रो कर बेहोश हुई मृतका की मां, छह माह के बच्चे का क्या होगा
पिंकी की मां एवं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। मां तो कई बार बेहोश हो गई। उसके चेहरे पर पानी के छींटे मार कर होश में लाया गया। परिवार के अन्य सदस्यों को रो-रो कर बुरा हाल था। घर की महिलाओं का कहना था कि डॉक्टर एवं स्टाफ की लापरवाही से पिंकी की जान चली गई। अब उसके छह मां के बच्चे का क्या होगा। मृतक का पति विजय गुप्ता का भी बुरा हाल था।
समझाने के बाद पोस्टमार्टम को तैयार हुए परिजन
एसीएम अंजुम बी एवं सीओ श्वेताभ पांडे के काफी समझाने के बाद परिजन पिंकी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हुए। शुरू में परिवार के सदस्य पोस्टमार्टम को तैयार नहीं हो रहे थे। अधिकारियों ने समझाया कि न्याय के लिए पोस्टमार्टम कराना जरूरी है। परिवार के सदस्यों एवं अधिकारियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई।
हड़ताल के समय अस्पताल में भर्ती थे 360 मरीज
मारपीट की घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसकी वजह से अस्पताल में डर का माहौल पैदा हो गया। कुछ मरीज तो डर से अस्पताल से दूसरी जगह जाने लगे। इमरजेंसी व ओपीडी बंद हो गई। घटना के समय अस्पताल में 360 मरीज भर्ती थे। बीमार मरीज एवं उनके तीमारदारों के चेहरे की हवाइयां उड़ने लगीं। ओपीडी एवं इमरजेंसी में उपचार के लिए पहुंच रहे लोगों को वापस जाना पड़ा। एसीएम अंजुम बी एवं सीओ श्वेताभ पांडेय के समझाने एवं आश्वासन के बाद चिकित्सक एवं स्टाफ काम पर लौटने को तैयार हुए।
पिंकी को सुबह में इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया था। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के सुझाव पर उपचार शुरू कर दिया गया था। डॉ. एसके सिंघल ने राउंड के दौरान मरीज के सीरियस होने के नोट्स डाले थे। इमरजेंसी ऑफिसर को बुलाया गया, तब मरीज की मौत की बात कहकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सीपीआर का भी मौका नहीं दिया।
- डॉ. अनुपम भास्कर, सीएमएस
मरीजों के हक में चिकित्सक हड़ताल स्थगित कर काम पर लौट आए हैं, लेकिन डॉक्टर एवं स्टाफ के साथ जो कुछ भी हुआ, वह नहीं होना चाहिए। पुलिस दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में डॉक्टर एवं स्टाफ के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
- डॉ. रामबिहारी
दोनों पक्ष की ओर से तहरीर दी गई है। उसकी जांच की जाएगी। परिजनों की सहमति के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। चिकित्सक एवं स्टाफ भी काम पर लौट गए हैं।
- श्वेताभ पांडेय, सीओ