स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को अन्य राज्यों की तरह उप्र में कई सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस संबंध में अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी संयुक्त संगठन की मांग पर शहर विधायक संजीव राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को सुविधाएं देने की मांग की है।
अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संयुक्त संगठन के संरक्षक राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने बताया कि उप्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवार वालों को दिए जाने वाले सम्मान, अनुदान और मानदेय पेंशन संबंधी नियमावली 1975 में कई प्रावधान हैं। उन्हीं का अनुसरण करते हुए उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार आदि राज्य सरकारों ने सेनानियों के आश्रितों के लिए सुविधाएं जारी की हैं। लेकिन उप्र में ये सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
शहर विधायक ने पत्र लिखकर वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों को परिचय पत्र बनवाकर सरकारी बसों में सहचर के साथ निशुल्क यात्रा करने की मांग की है। साथ ही पारिवारिक पेंशन अनुतोष योजना और आश्रितों को पेंशन, राजकीय और निजी अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा सुविधा भोजन के साथ उपलब्ध कराने जैसी मांग की है।
-स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व उत्तराधिकारी संगटन की मांग पर प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सुविधाएं जारी कराने की मांग की है। ये समस्याएं भारत सरकार से संबंधित हैं। प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि 75वें अमृत महोत्सव के अंतर्गत यदि ये सुविधें आश्रितों को मिल जाती हैं तो यह एक उपहार होगा। -संजीव राजा, शहर विधायक।
-स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारी व आश्रितों को उप्र में कई सारी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जबकि अन्य सरकारों ने इसकी व्यवस्था की है। शहर विधायक के माध्यम से प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को उनकी सुविधाएं प्राप्त कराई जाएं। -सुरेश चंद्र शर्मा, मंडल प्रभारी अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संयुक्त संगठन।
सुरेश चंद्र शर्मा, मंडल प्रभारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संयुक्त संगठन। - फोटो : CITY OFFICE