पूछताछ में ससुर और मुंहबोले साले ने कबूल किया अपराध
इसके बाद जब नरेश व शिवम को हिरासत में लेकर पूछताछ करते हुए सीसीटीवी आदि की मदद से जांच शुरू की गई तो 24 घंटे में पूरा भेद खुल गया। नरेश ने स्वीकारा कि उसने अपनी बेटी के कदम को इज्जत से जोड़कर देखा और इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए राहुल के दोस्तों को ही 50 हजार में उसकी हत्या की सुपारी दे दी थी। दीपावली पर जैसे ही वह शाम के वक्त शक्ति नगर से अंजली को छोड़कर वापस जाते देखा गया तो उसे घेर लिया और उसके दोस्तों ने पहले उसे शराब पिलाई। जब वह खूब नशे में हो गया तो हम चार लोगों ने मिलकर उसकी ईंटों से सिर कुचलकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव गड्ढों में फेंककर ऊपर से कूड़ा डाल दिया।
नरेश के अनुसार इस हत्या में खुद उसका मुंह बोला बेटा जीतू पुत्र शेखर, मृत राहुल का दोस्त जीतू पुत्र भूदेव निवासी नगला मसानी व भोला निवासी राजेंद्र नगर शामिल रहे। पुलिस ने इन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया है और उन्होंने भी साक्ष्यों का मिलान कराते हुए हत्या करना स्वीकारा है। सीओ के अनुसार अब इन चारों को मंगलवार को जेल भेजा जाएगा। इधर, पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को राहुल का शव परिवार को सौंप दिया गया।
मुंह बोले बेटे को ब्याही अपनी विधवा बहू
सीओ के अनुसार पुलिस पूछताछ व जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी नरेश प्रतिभा कालोनी के बाहर चाय की दुकान करता है। उसी इलाके में पहले राहुल आदि रहते थे। चाय की दुकान पर सभी लोग चाय पीते थे। राहुल की अन्य आरोपियों से दोस्ती थी। इधर, मुख्य आरोपी नरेश के दो बेटे में से बड़े बेटे जीतू का देहांत हो चुका है। उसकी विधवा बहू का ब्याह खुद नरेश व उसकी पत्नी ने अपने परिचित जीतू पुत्र शेखर से कर दिया था। तभी से वह जीतू को मुंह बोले बेटे के रूप में मानते हैं। इस घटना को लेकर जब नरेश ने जीतू से जिक्र किया तो वह तैयार हो गया और उसी ने पूरा प्लान तैयार किया। तय किया गया था कि काम हो जाने के बाद रुपये दिए जाएंगे।
छोटे बेटे की नहीं कोई भूमिका
सीओ ने बताया कि इस हत्या में नामजद किए गए नरेश के छोटे बेटे शिवम की कोई भूमिका प्रकाश में नहीं आई है। इसलिए उसका नाम जांच व साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे से हटाया जाएगा।
सीसीटीवी ने दिलाए साक्ष्य, अब कराएंगे सजा
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने रविवार को शव मिलने और हत्या उजागर होने के बाद इस घटना के खुलासे में सीओ द्वितीय के नेतृत्व में थाना पुलिस सहित पांच टीमों को लगाया था। उन्हीं टीमों ने 24 घंटे में आरोपियों से पूछताछ व सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर यह खुलासा किया है। इसके लिए साक्ष्य संकलन करते हुए टीमों ने इलाके के सौ करीब सीसीटीवी देखे। अब एसएसपी ने इस मामले में पुलिस टीम की पीठ ठोंकते हुए फॉरेंसिक टीम द्वारा संकलित किए गए वैज्ञानिक साक्ष्य चार्जशीट में संकलित करने और आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के निर्देश दिए हैं।