अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में किसानों ने लोकसभा चुनाव में किसानों की भूमिका विषय पर चर्चा करते हुए कई प्रमुख मुद्दों को सामने रखा। किसानों ने कहा कि चुनाव से पहले हर दल, हर नेता किसानों से वादे करते हैं, लेकिन इसके बाद सब भूल जाते हैं।
खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को लागत के सापेक्ष फसल की कीमत नहीं मिल पा रही है। विदेशों में किसानों को तमाम तरह के बोनस मिलते हैं। सस्ती दर पर विदेश से अनाज मंगा लिया जाता है, जिस कारण यहां के किसानों को उपज का सही दाम नहीं मिल पाता है। किसानों का मंड़ियों में होने वाला शोषण रोकने के लिए एमएसपी कानून बनाया जाना चाहिए।
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अमर उजाला के तालानगरी स्थित कार्यालय में 18 अप्रैल को संवाद कार्यक्रम में किसानों ने लोकसभा चुनाव में किसानों की भूमिका विषय पर चर्चा करते हुए कई प्रमुख मुद्दों को सामने रखा। किसानों ने कहा कि चुनाव से पहले हर दल, हर नेता किसानों से वादे करते हैं, लेकिन इसके बाद सब भूल जाते हैं।
किसान अमित राघव ने कहा कि सांसद-विधायक के वेतन में 200 गुना इजाफा हो गया है, लेकिन किसानों की उपज लगभग उसी दाम पर बिक रही है।
किसान अर्जुन सिंह ने कहा कि खाद, बिजली, पानी, कीटनाशक दवाओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन किसानों की उपज का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसानों को खाद भी तय रेट से अधिक दाम पर उपलब्ध हो पा रही है।
किसान व जिला पंचायत सदस्य केपी सिंह मिस्त्री ने कहा कि बेसहारा पशुओं द्वारा फसलों को बर्बाद करने की समस्या लगातार बढ़ रही है। मगर, कोई दल इस समस्या का समाधान करने के लिए तैयार नहीं है।
कमल सिंह ने कहा कि वोटों के लिए चुनाव में किसानों को सब्जबाग दिखाए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद सब किसानों को भूल जाते हैं। निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने, फसलों का उचित भाव दिलवाने की कोई बात नहीं कर रहा है।
जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र लोधी ने खेत-खलिहान से मंडी तक की प्रमुख समस्याओं, जरूरतों व खेती से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण अंचल में शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है। इससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने विद्युत ट्रांसफॉर्मर की क्षमता में वृद्धि करने, निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में संरक्षित कराए जाने की मांग रखी। नैनो खाद पर सब्सिडी दिलाने की मांग की।
रविनेश कुमार ने बताया कि किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार को करना चाहिए। किसानों को खेती के लिए खाद और बीज समय से और निर्धारित मूल्य पर ही मिलना चाहिए ।
हरिओम यादव ने रजवहों में पानी न आने, किसानों को फसल बीमा का लाभ न मिलने की बात कही।
उदयपाल सिंह राघव ने कहा कि एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर किसान लंबे समय से मांग कर रहे हैं। मांग पूरी होनी चाहिए।
सेवानिवृत्त इंजी. एवं किसान आरपी सिह ने फसलों के लिए एमएसपी, व स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग रखी।
चौधरी नवाब सिंह ने फसल की लागत के सापेक्ष फसलों का उचित मूल्य, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसानों को दिलाने की मांग रखी। उन्होंने किसानों को एफओबी योजना का लाभ दिलाने की वकालत की। किसान दुर्घटना बीमा योजना में लाभार्थी को पांच से 25 लाख रुपये तक दिलाने की मांग की।
प्रमोद कुमार वर्मा ने कहा कि किसानों का मंड़ियों में होने वाला शोषण रोकने के लिए एमएसपी पर कानून बनाया जाना चाहिए। ताकि किसानों का शोषण रोका जा सके।
बंटी चौधरी ने किसानों का मूल्य बढ़ाने, राममोहर सिंह प्रधान ने सड़क, शिक्षा पर जोर देने की मांग रखी।
रवि कुमार ने परंपरागत खेती की बजाए फसलों का चक्र बदलने एवं ऑर्गेनिक खेती करने का सुझाव रखा।
प्रधान प्रशांत मुद्गल ने किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को पुरजोर तरीके से सबके सामने रखा।