- 23 मार्च तक बकाया 48 करोड़ 47 लाख 78 हजार
- 24 मार्च तक बने बिल 28 करोड़ 95 लाख 18 हजार
- 24 मार्च तक जमा धन 35 करोड़ 13 लाख 12 हजार
- 24 मार्च से बकाया बिल 42 करोड़ 29 लाख 96 हजार
ये हैं बड़े बकायेदार
- पुलिस
- पंचायती राज, वित्त
- ग्राम्य विकास
जमा राशि का ऐसे होता बिल में बंटवारा
अधिकारी बताते हैं कि उदाहरण के तौर पर पुलिस विभाग के जिले में 50 विद्युत संयोजन हैं। सभी के कुल बिल प्रदेश पुलिस मुख्यालय/गृह विभाग को जाएंगे। वहां से रकम पावर कॉरपोरेशन के खाते में जाएगी। इसके बाद पावर कॉरपोरेशन के खाते से यह रकम पचास विद्युत संयोजनों के खाते में विभाजित कर दी जाएगी। तब साफ होता है कि किस संयोजन के खाते में कितनी रकम दी गई है।
प्रदेश स्तर पर हुए निर्णय के अनुसार अब सरकारी महकमों से बिजली बिल वसूली यहां से नहीं होती है। इस बिलिंग की सूचना उनके विभागों को मुख्यालय स्तर पर दी जाती है। वहां से सीधे पावर कॉरपोरेशन के खाते में रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं और उस रुपये को यहां के बिलों में समायोजित किया जाता है। यह व्यवस्था पिछले वर्ष से लागू कर दी गई है। जिसमें सभी विभाग शामिल कर लिए गए हैं।-सुबोध कुमार, मुख्य अभियंता, अलीगढ़