इधर, विजिलेंस जांच में उजागर हुआ था कि यह अकेला प्रकरण नहीं। लेखपाल ने अनगिनत मामलों में गोलमाल किया। उजागर हुआ कि दो दलालों के जरिये किसानों से बात होती थी। लेखपाल किसानों के मनमर्जी रिपोर्ट लगाता था। उसी आधार पर बैनामे होते थे। जिसके बदले में वह रकम लेता था। विजिलेंस ने इन तथ्यों पर भी काम किया कि इस गोलमाल में और कौन कौन अधिकारी शामिल रहते थे। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इसी आधार पर कुछ नाम सामने आए हैं। जिनके विषय में जिला प्रशासन को जानकारी भेजी जा रही है। उसी आधार पर आगे मुकदमे में उन्हें शामिल किए जाने की तैयारी है।
लेखपाल के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी, अभियोजन स्वीकृति मांगी
भ्रष्टाचार के मुकदमे में जेल भेजे गए लेखपाल के खिलाफ विजिलेंस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। उसे कोर्ट में दाखिल करने से पहले शासन से अभियोजन स्वीकृति ली गई। बताया गया है कि शासन स्तर से सहमति मिल गई है। उस पर डीएम स्तर से भी अपनी स्वीकृति दी जाएगी। इस संबंध में विजिलेंस की ओर से डीएम को पत्राचार किया गया है। डीएम की स्वीकृति मिलते ही विजिलेंस द्वारा लेखपाल पर चार्जशीट दायर कर दी जाएगी, क्योंकि गिरफ्तारी के तीन माह के अंदर चार्जशीट दायर करने का नियम है।
अभियोजन स्वीकृति को लेकर अभी तक कोई पत्रावली नहीं प्राप्त हुई है। जैसे ही प्राप्त होगी, उसी अनुसार संस्तुति कर भेजी जाएगी। रहा सवाल अन्य लोगों के नाम को लेकर तो जैसा पत्राचार होगा, उसके अनुसार जवाब दिया जाएगा।-विशाख जी, डीएम