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जेएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू और मलेरिया के तीन कक्ष तैयार

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बुखार मलेरिया के साथ-साथ डेंगू के मरीज भी आ रहे हैं। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन ने भी दवा और उपचार के संबंध में व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।
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मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि सितंबर और अक्तूबर का महीना डेंगू और मलेरिया के लिए अनुकूल होता है। इसलिए इन दिनों में सावधानी बेहद आवश्यक है। प्रोफेसर सिद्दीकी कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में कमरा संख्या 10, 11 और 12 डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए बनाए गए हैं। डेंगू एक किस्म का वायरल है तो मलेरिया पैरासाइट के माध्यम से फैलता है। इसके उपचार में अलग से कोई दवा नहीं दी जाती है, बल्कि बुखार होने पर जो सहयोगी दवाएं उपलब्ध हैं, वही इसके उपचार में दी जाती हैं। सबसे अच्छा तो यही है कि उन परिस्थितियों से बचा जाए जो मलेरिया या डेंगू के लिए जिम्मेदार हैं।
डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपाय
- घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
- घर में कूलर फूलदान या अन्य ऐसा कोई बर्तन जिसमें पानी इकट्ठा हो रहा हो तो उसे साफ कर दें।
- पूरी बांहों की कमीज पहनें, बच्चों को भी पूरी बांहों की कमीज पहनाएं।
- घर के अंदर मच्छर रोधी दवा या धुएं का उपाय करें।
-अगर कहीं पर पानी इकट्ठा हो रहा है तो उसकी सतह पर मिट्टी का तेल या मोबिल ऑयल डालें।
- डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, तेज बदन दर्द, तेज सिर दर्द, पेट दर्द एवं उल्टी, शरीर पर दाने तथा मुंह अथवा नाक से खून आने की शिकायत हो तो तुरंत निकट के स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार कराएं। खून की जांच अति आवश्यक है।
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- डेंगू बुखार के रोगी होने पर जिला या नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना दें ताकि प्रभावित क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव कराया जा सके।
क्या करें
- यह घर के अंदर का मच्छर है। दिन में काटते हैं। घरों में कीटनाशक का छिड़काव करें
- कूलर, बाल्टी, फ्लावर पॉट व घड़े में एकत्रित पानी को बदलते रहें
- शरीर पर मच्छर निरोधक औषधियों, नीम का तेल, सरसों का तेल लगाए। बच्चों को कमीज व मोजे पहनाएं
- घर के आसपास पानी एकत्रित होने वाले स्थानों को मिट्टी से भर दें। यह संभव न हो तो कुछ बूंदें मिट्टी का तेल या जले हुए डीजल ऐसे स्थानों पर डाल दें
क्या न करें
- डेंगू बुखार का कोई भी टीका नहीं होता है। चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा दें
- घर में कोई डेंगू का रोगी हो तो उसे बिना मच्छरदानी के न रहने दें
- घरों के छज्जे, पोर्च में टूटे बर्तनों, बेकार टायर-ट्यूब, प्लास्टिक के टूटे बर्तन आदि एकत्रित न होने दें
- घरों के आसपास छायादार स्थलों में नमी न उत्पन्न होने दें
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