जमालपुर पीएचसी में कोरोना वैक्सीन कूड़ेदान में डालने के मामले में मुख्य आरोपी एएनएम निहा खान ने दो दिन पहले न्यायालय में समर्पण कर दिया। शुक्रवार को सीजेएम न्यायालय ने निहा खान की जमानत भी मंजूर कर ली है। देर शाम रिहाई आदेश भी जिला कारागार पहुंच गया है और आज शनिवार सुबह निहा की रिहाई के संकेत हैं।
वाकया 29 मई को सुर्खियों में आया था, जब शिकायत मिली कि जमालपुर पीएचसी के कूड़ेदान में कोरोना टीकाकरण की वैक्सीन को फेंक दिया गया है। लोगों का आरोप था कि केंद्र में तैनात किदवई नगर कोतवाली एटा निवासी एएनएम निहा खान वैक्सीनेशन के दौरान सिरिंज तो चुभाती हैं, लेकिन टीका कूड़ेदान में फेंक देती हैं। इस मामले में जांच के आधार पर दोषी एएनएम की संविदा समाप्त करते हुए उसके खिलाफ सिविल लाइंस में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मुकदमे में जन सामान्य की भावनाओं से खिलवाड़ करने, ड्यूटी में लापरवाही, सरकारी धन की क्षति व महामारी अधिनियम आदि की धाराएं लगाई गई थीं। उसके बाद से ही पुलिस निहा खान को तलाश रही थी, मगर तमाम प्रयास के बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। दो दिन पहले निहा खान ने इस मुकदमे में सीजेएम न्यायालय में समर्पण किया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
इधर, शुक्रवार को निहा के अधिवक्ता की ओर से सीजेएम न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे मंजूर कर लिया गया है और देर शाम रिहाई आदेश भी जिला कारागार पहुंच गया। जहां से शनिवार को रिहाई के संकेत हैं। जमानत की पुष्टि करते हुए निहा खान के अधिवक्ता इरफान गाजी ने बताया कि कोई मजबूत साक्ष्य न होने, सिरिंज की बरामदगी न होने की दलील पर न्यायालय ने जमानत मंजूर की है। निहा को विभागीय राजनीति के तहत फंसाया गया था।