अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में काम करने वाला माली नवीन पहली बार सामने आया। उसने उमर गौतम के धर्मांतरण कराने संबंधी दावे को गलत बताया और कहा, मैंने अपना धर्म नहीं बदला है, मैं हिंदू हूं। नवीन ने कहा कि ये सब बातें झूठी हैं। वह हिंदू है और सभी प्रमाण पत्र उसने जांच एजेंसियों व एएमयू प्रशासन को उपलब्ध करा दिए हैं।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में मूकबधिर नवीन ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी। धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए उमर गौतम के सवाल पर नवीन ने कहा कि हां, वह उमर गौतम को जानता है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में होने वाले कार्यक्रम आदि में आने वाले लोगों से मिलना जुलना एक सामान्य बात है।
उसने बताया कि पुलिस व जांच एजेंसियों की पूछताछ में उसे कोई परेशानी नहीं हुई। सभी ने उसके साथ अच्छा व्यवहार किया। उसने कहा कि वह मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है। लेकिन जब से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में नौकरी लगी, वह यहीं पर रह रहा है।
परिवार में सब ठीक है, कोई परेशानी नहीं है। उसने कहा कि पिछले दिनों कुछ संचार माध्यमों ने जब यह दावा किया कि वह गायब हो गया है, तो इससे उसको और उसके परिवार वालों को और जांच एजेंसियों को बहुत परेशानी हुई। जबकि हकीकत यह थी कि वह विभाग से छुट्टी लेकर घरेलू काम निपटा रहा था।
मोबाइल पर लिखकर कहता है अपनी बात, अंग्रेजी का भी है ज्ञान
माली नवीन मूकबधिर है तो क्या हुआ मोबाइल के कीपैड पर उसकी उंगलियां बहुत तेजी से चलती हैं और वह इसी माध्यम से लिखकर अपनी बात कहता है।
मोबाइल के कीपैड से अच्छी तरह वाकिफ है। अंग्रेजी के शब्दों का भी अच्छा खासा ज्ञान है। यही वजह है कि वह इस माध्यम से अपनी बात बहुत प्रभावी तरीके से कह पाता है। नवीन के साथ काम करने वाले कहते हैं कि वह बागवानी के काम में माहिर है और अन्य किसी व्यक्ति से बेहतर काम करता है। विभाग के अन्य लोगों ने बताया कि काम के दौरान वह बहुत गंभीर रहता है। उसके संबंध में ताजा मामला सामने आने के बाद कुछ दिनों परेशान रहा था लेकिन सत्यता बताई जाने के बाद अब सब कुछ ठीक है।