क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना क्षेत्र के गांव मजूपुर के जंगलों में शनिवार को गाय ले जा रहे कुछ लोगों को ग्रामीणों ने घेर लिया। उनकी जमकर पिटाई की। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बचाया और थाने ले गई। महिलाओं और बच्चों को तो पुलिस ने घरों को भेज दिया, लेकिन पुरुषों को हिरासत में ले रखा है। उनके पास से मिली गायें जट्टारी गोशाला भेजी गई हैं। पुलिस के अनुसार जांच की जा रही है कि यह लोग गायों को कहां और क्यों ले जा रहे थे?
थाना चंडौस के गांव बघियाना निवासी हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता पियूष कुमार व सुधीर कुमार ने 43 गाय व 16 भेड़ों को दो बुग्गियों के साथ ले जाते हुए देखा। उन्हें करीब 20 महिला, पुरुष व बच्चों का दल हांककर ले जा रहा था। उन्होंने रोकने की कोशिश की तो यह सभी रास्ता बदलते हुए आगे बढ़ गए।
दोनों ने तेजी से आगे बढ़कर उनके नाम, पते पूछे तो गायें ले जा रहे लोगों ने खुद को कोटा राजस्थान के निवासी एवं बंजारा समुदाय से बताया। इस पर पियूष कुमार व सुधीर ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। इस बीच यह महिलाएं, पुरुष जौहरा, जरारा, नाऊ का नगला गांवों से निकलते हुए मजूपुर के जंगलों में पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों ने रास्ता रोककर पूछताछ की। इसी बीच ग्रामीणों ने गायें ले जा रहे लोगों की पिटाई शुरू कर दी।
उधर कंट्रोल रूम में सूचना पर पिसावा व चंडौस पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत करते हुए आठ लोगों को ग्रामीणों से बचाया और थाने ले गई। थाने से महिलाओं और बच्चों को उनके सामान, बुग्गी एवं भेड़ों के साथ घर जाने दिया गया।
पुलिस हिरासत में इन लोगों ने अपना गांव बरतौली थाना खुर्जा देहात जिला बुलंदशहर व अपने नाम इकराम पुत्र शब्बीर, रहीश पुत्र चांद खां, नसीम पुत्र ईसब खां, बाबू पुत्र हजारी, सुंदर व शरीफ पुत्र तोतिया, संजय पुत्र वकील खां, रिजवान पुत्र लालची बताया। आधार कार्ड और पशुओं से संबंधित कागजात भी दिखाए और बताया कि वह अपने परिवार समेत डेढ़ माह पहले पशुओं को चराने निकले थे।
पशुओं को चराते हुए शनिवार को अपने गांव लौट रहे थे, तभी उनके साथ मारपीट हुई। हालांकि पुलिस अपने स्तर से उनके नाम, पते और कागजों की जांच में लगी है। इंस्पेक्टर मानवेंद्र कुमार त्यागी ने बताया कि गायों को कटने के लिए जाना प्रतीत हो रहा है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।