फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकली पेट्रोल, डीजल व लुब्रिकेंट बनाने की फैक्ट्री पकड़ी

विज्ञापन
nakalee petrol, deejal va lubrikent banaane kee phaiktree pakadee - फोटो : Dig Vishal
विज्ञापन
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम कोल के नेतृत्व में शनिवार को तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र के  सेक्टर एक में पूर्ति विभाग की टीम ने नकली पेट्रोल, डीजल एवं लुब्रिकेंट बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा। इस दौरान 425 लीटर तैयार नकली तेल, 11 टैंक, हाथरस के डीलर के यहां के मिट्टी के तेल के कई ड्रम, साल्वेंट एवं ब्लीचिंग अर्थ पाउडर बरामद हुए।
विज्ञापन


यह व्यवसायी हार्डवेयर बनाने के लिए यूपीएसआईडीसी से लाइसेंस लेकर अवैध कारोबार चला रहा था। उसका लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति की गई है। इस मामले में फैक्ट्री मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ हरदुआगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

तालानगरी सेक्टर एक के डी-29 भूखंड पर 600 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में गुरुकिशन ट्रेडर्स के नाम से पेट्रोल, लुब्रिकेंट्स एवं डीजल की एक फैक्ट्री संचालित थी। शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह व डीएसओ नीरज सिंह के नेतृत्व में छापा मारा गया। इस दौरान सिर्फ एक चौकीदार मिला। डीएसओ ने फैक्ट्री संचालक को फोन कर फैक्ट्री की चाबी लेकर आने को कहा। जब कई बार कहने के बाद भी दो घंटे तक फैक्ट्री संचालक मौके पर नही आया तो एसडीएम कोल ने ताला तुड़वा दिया।
विज्ञापन


अंदर का हाल देखकर सब भौचक्के रह गए। फैक्ट्री के अंदर 1150 लीटर की क्षमता वाले 11 टैंक बने थे। इनमें भारी मात्रा में पेट्रोल, डीजल एवं लुब्रिकेंट्स रखे हुए थे। करीब 20 लीटर साल्वेंट, 20 किलो अर्थ पाउडर के पैकेट एवं कई ड्रम मिट्टी का तेल बरामद हुआ। मिट्टी के तेल के ड्रम हाथरस के गांव सिचावली सानी के राशन डीलर मिथलेश गौतम के नाम से थे।

इनमें तीन भरे हुए एवं करीब दो दर्जन खाली रखे पाए गए। डीएसओ नीरज सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर मिट्टी के तेल से डीजल तथा पेट्रोल तथा अन्य लुब्रिकेंट्स बनाए जा रहे थे। इसमें प्रयोग किए जाने वाले पाउडर, केमिकल व डेंसिटी मीटर से लेकर अन्य कई प्रकार के उपकरण बरामद हुए हैं। इस मामले में फैक्ट्री संचालक मो. आसिफ, राम अवतार, मनोज व पवन के खिलाफ हरदुआगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। 

छापे से 30 मिनट पहले भी की गई थी सप्लाई
फैक्ट्री में छापे से महज 30 मिनट पहले ही 724 लीटर डीजल की सप्लाई की गई थी, जिसका रिकार्ड फैक्ट्री में तलाशी के दौरान मिली एक नोटबुक में दर्ज था। नोटबुक बिल्कुल नई है, जिसमें तीन व चार अगस्त के डीजल का लेखा जोखा है। तीन अगस्त को तीन अलग-अलग गाड़ियों से कुल 1072 लीटर डीजल भेजा गया था, जो कि 54 रुपये लीटर के हिसाब से दर्ज है। नोटबुक में गाड़ियों के नंबर भी दर्ज हैं। इस दौरान आसपास के लोगों ने बताया कि अक्सर रात में फैक्ट्री में काम होता था तथा गाड़ियों का भी आना जाना उस समय ज्यादा रहता था।

फैक्ट्री पर जीएसटी नंबर भी है दर्ज
एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह ने बताया कि यह फैक्ट्री 600 वर्ग मीटर क्षेत्र में वर्ष 2007 में यूपीएसआईडीसी से हार्डवेयर बनाने के लिए मोहम्मद आसिफ ने आवंटित कराई थी। मौके पर गुरु किशन ट्रेडर्स के नाम रामअवतार सिंह, पवन सिंह व मनोज सिंह द्वारा सिंथेटिक डीजल, पेट्रोल व मोबिल ऑयल बनाने में प्रयोग की जा रही थी। फैक्ट्री पर लगे फ्लेक्स पर जीएसटी नंबर भी दर्ज है। यूपीएसआईडीसी से इसका लाइसेंस निरस्त करने को कहा गया है।
विज्ञापन

बॉक्स
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें