इस मामले में पुलिस ने 20 जुलाई को यानि गिरफ्तारी के चार दिन बाद चार्जशीट दायर की। पत्रावली कमिट होते ही एक अगस्त को पॉक्सो की विशेष अदालत में आरोपी पर आरोप तय किया गया। इसके बाद दो अगस्त को पीडि़त व वादी की गवाही, चार को पीडि़ता की मां व चश्मदीद छोले वाले की गवाही, सात अगस्त को पीडि़ता के पिता, डाक्टर व मोहल्ले के एक युवक की गवाही, नौ को विवेचक, सीसी व जिस मकान में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, उनकी गवाही, 10 अगस्त को सीसी से जिरह, 14 अगस्त को आरोपी के बयान, 16 अगस्त को सफाई साक्ष्य, 18 अगस्त को बहस के बाद बृहस्पतिवार को सजा सुनाई गई। इस तरह 41 दिन पुरानी घटना में मात्र ट्रायल के 24 दिन में सजा हुई है।
इस मुकदमे में कुल दस गवाह पेश किए गए। जिसमें सबसे पहले गवाह के रूप में पीडि़त बच्ची को पेश किया गया। उसने न्यायालय के सवालों के जवाब देते हुए आरोपी को पहचान लिया। इसके अलावा अन्य गवाहों ने भी साक्ष्यों के आधार पर गवाही दी। जिसके सहारे न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया। जिले का यह पहला मामला है, जिसमें इतने कम समय में गवाही हुई है।-महेश सिंह, एडीजीसी
पुलिस टीम को लगातार इसी तरह काम करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में पूर्ण मनोयोग से अभियोजन टीम व थाना पुलिस टीम ने प्रयास कर अल्प समय में ही अपराधी को सजा दिलवाई है। जिसके लिए टीम बधाई व प्रशंसा की पात्र है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी