पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि बंदी यज्ञदत्त के फेंफड़ों में खराबी थी। वे चिपके थे और टीबी के लक्षण मिले हैं। डॉक्टरों ने माना है कि उसके शरीर पर जो खरोंच आदि के निशान हैं वह नशे की लत के चलते घिसटने आदि के हैं। मारपीट के नहीं हैं। साथ में कंधे में हल्की से चोट आंई है।
जिन्होंने पकडक़र कर सौंपा, उन पर हत्या दर्ज
महानगर के गांधीपार्क क्षेत्र में चोरी के आरोप में जेल भेजे गए यज्ञदत्त की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा मृत के पिता भोला की ओर से जीटी रोड के सचिन व विकास के खिलाफ दर्ज किया गया है। जिसमें आरोप है कि इन दोनों ने यज्ञदत्त को चोरी के आरोप में पकड़ा गया। इसके बाद इन दोनों ने उसे बुरी तरह मारा पीटा था। इसी वजह से आई चोट से वह जख्मी हुआ और उसकी तबियत बिगडऩे पर उसी मौत हो गई। इन दोनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ द्वितीय विशाल चौधरी ने इस मुकदमे की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार के आरोप के अनुसार ही यह मुकदमा दर्ज किया गया है। परिवार के अनुसार तहरीर में यही आरोप लगाया गया है।
बंदी भली भांति सोया था। अचानक रात में उसकी तबियत बिगड़ी। उसे पहले जेल अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज लाया गया। बंदी नशे की लत का आदि था।-बृजेंद्र यादव, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
यह घटना निंदनीय व दुखद है। इस मामले में परिवार को मुआवजा व नौकरी दी जाए। जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया है, उन पर पर कार्रवाई की जाए।-सचिन माइकल डेन, राष्ट्रीय सचिव, बहुजन जागरूक महासभा