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कोल विस क्षेत्र : स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार की गुंजाइश

Sun, 21 Nov 2021 01:38 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच विकास की चर्चा में कोल विधानसभा क्षेत्र भी अछूता नहीं है। हालांकि, यहां से पहली बार निर्वाचित हुए विधायक अनिल पाराशर ने पूरी ऊर्जा के साथ विकास कार्य कराने का प्रयास किया। मगर अभी बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर विकास की गुंजाइश है।
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सबसे महती जरूरत बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, शहर से सटे नगर निगम में शामिल हुए इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की दरकार, दीनदयाल संयुक्त अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के दर्जे का इंतजार, इस क्षेत्र के प्रमुख चौराहे क्वार्सी व एटा चुंगी पर यातायात व्यवस्था सुधार और बाईपास के चौड़ीकरण आदि ऐसे काम हैं, जिनका जनता को इंतजार है।



एएमयू सहित आधा शहर और शहर से सटे मथुरा व आगरा रोड के गांवों इस क्षेत्र में आते हैं, जहां सड़क, बिजली, पानी पर काम हुए और मडराक को टाउन एरिया का दर्जा मिलना प्रमुख हैं। मगर शहर के एटा चुंगी बाईपास की पट्टी के इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव की ज्वलंत समस्या का आज भी समाधान नहीं हो सका है। ये वे इलाके हैं, जहां बारिश के दिनों में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहते हैं।
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क्वार्सी से एटा चुंगी को जाने वाले बाईपास की व्यस्तता किसी से छिपी नहीं है। इसके सहारे नाले में बजबजाती गंदगी, उठती दुर्गंध और अक्सर नाले में वाहन गिरने की दुर्घटनाओं को नहीं भूलना चाहिए। मांग है चौड़ीकरण और नाले को अंडरग्राउंड किए जाने की है। मगर ये मांग पत्रावलियों में सीमित है। ऐसे कई महत्वपूर्ण कार्य हैं जो नए बसते शहर के विकास के लिए जरूरी हैं।

लोगों बोले
- कहने को तो सरकार युवाओं के लिए रोजगार देने की बात कह रही है। मगर धरातल पर रोजगार देने की दिशा में कौन सा महत्वपूर्ण काम हुआ है, ये अलीगढ़ में दिखाई नहीं देता। जरूरत है ऐसे उद्यम और परियोजना की, जिसमें हमें अलीगढ़ में ही रोजगार मिले। इसके लिए हमें अपना घर या शहर न छोड़ना पड़े। 
- अमित, छात्र निवासी सुरेंद्र नगर




- जब से हम इस इलाके में रहने आए हैं, जलभराव-गंदगी ऐसी समस्या है, जिसका आज तक समाधान नहीं हो पाया है। बारिश के दिनों में तो यह समस्या ऐसी होती है कि घर में रहना और घर से निकलना दूभर होता है। इस दिशा में किसी एजेंसी या सरकार की ओर से क्या काम कराया गया, दिखाई नहीं देता है। 
- गोपालबाबू गुप्ता, निवासी केशव नगर



- बाईपास किनारे का नाला हमारे लिए बवाल-ए-जान है। बारिश के दिनों में तेज बहाव न झेल पाने के कारण पटरी हर वर्ष टूटती है। पानी हमारे घरों में घुसता है। पता चलता है कि आगे कई जगह दबंग लोगों ने नाले को बंद कर रखा है। इसलिए पानी आगे नहीं जा पा रहा। इस समस्या का आज तक स्थायी हल नहीं खोजा गया है। - राजेंद्र कुमार निवासी कुंवर नगर



- कहावत है कि गरमी और बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप रहता है। मगर, हमारे इलाके और आसपास के क्षेत्र में साल भर से मच्छर बड़ी समस्या हैं। गंदगी इसकी प्रमुख वजह है। इसके चलते इलाके में मौसमी बीमारियां घर किए रहती हैं। हर बार मतदान के दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा होती है। मगर बाद में लोग भूल जाते हैं। 
- दुलारी देवी, निवासी बंसल नगर


विधायक के बोल
भाजपा विधायक अनिल पाराशर कहते हैं कि शहर व ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत जरूरतों पर बहुत काम किया गया है। क्षेत्र में अनगिनत सड़कें, आधा दर्जन बिजलीघर, मडराक को टाउन एरिया का दर्जा और उसके आधा दर्जन गांवों में 8 करोड़ से विकास कार्य, 30 साल से बंद मडराक रजवाहे में सफाई और पानी की आवक व सासनी तक जोड़ना, गजनीपुर में खेल स्टेडियम, उसमें कई महत्वपूर्ण रोजगारों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में सुधार के प्रयास, नगर निगम में शामिल हुए धनीपुर, धौर्रा में विकास कार्य आदि महत्वपूर्ण काम ऐसे हैं जो कराए गए हैं। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्ताव अभी शासन में लंबित हैं।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय से जोड़कर शुरू कराने की तैयारी है। जब हम सरकार में आए तो यह 80 बेड का था और अब 425 बेड संचालित हैं। ये हमारे कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। फिर भी कुछ मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर काम बाकी है। उसके लिए काफी हद तक सिस्टम में वह मशीनरी भी जिम्मेदार है, जो विकास विरोधी मानसिकता से काम करती है। हालांकि हमारे नेता नरेंद्र मोदी व योगी आदित्यनाथ ने ऐसे अधिकारियों पर शिकंजा कसने का प्रयास किया है। इसका आने वाले समय में और लाभ मिलेगा। लोगों के बीच आगे भी जाना है। इसलिए काम कराने में न पीछे रहा हूं और न रहूंगा।  
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