आरएमपीयू का निरीक्षण करते मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय।
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प्रदेश के उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग योगेंद्र उपाध्याय ने बुधवार को निर्माणाधीन राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि राज्य विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एमएच सिद्दीकी को निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि वह अपनी देखरेख में निर्माण कार्य की हर माह रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस दौरान कार्यदायी संस्था व लोनिवि के अभियंताओं के साथ बैठक की। निर्माण कार्य में विलंब पर अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। कहा इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री ने रखी है। एक वर्ष बाद भी कार्य में प्रगति न होना चिंता का विषय है। उप कुलपति एवं रजिस्ट्रार के प्रति भी असंतोष जताया। कहा कि निर्माण कार्य में विलंब बेहद खेदजनक है। कार्य को 18 माह में बराबर-बराबर बांटते हुए जल्द निर्माण कार्य पूरा कराएं। भवन निर्माण में देरी पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। इस दौरान सांसद सतीश गौतम, एमएलसी चौधरी ऋषिपाल सिंह, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, जिला महामंत्री शिव नारायण शर्मा आदि मौजूद रहे।
निर्माण कार्य पर पूरा नियंत्रण : उप कुलपति
उपकुलपति चंद्रशेखर ने बताया कि निर्माण कार्य पर वह पूरा नियंत्रण बनाए हुए हैं। विश्वविद्यालय परिसर सड़क से नीचे है। इस समस्या के निराकरण के लिए डीएम, कमिश्नर ने कार्यदायी संस्था के तकनीकी सलाहकार के साथ भ्रमण कर क्षेत्र की कंटूर मैपिंग कराने का प्रस्ताव एवं रिवाइज बजट शासन को भेजा गया है। कार्यदायी संस्था एवं तकनीकी सलाहकारों ने सुझाव दिया है कि परिसर के भूमि के प्राकृतिक स्तर पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ करना निर्माण एवं जल निकासी के लिए उचित नहीं होगा।