विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आज हम चर्चा कर रहे हैं छर्रा विधानसभा क्षेत्र के विकास की। कहने को विधायक के दावे के अनुसार, यह विधानसभा क्षेत्र इस पंचवर्षीय कार्यकाल में विकास के पायदान पर प्रदेश में 23वें स्थान पर है। मगर, लोगों को खादर या जिले के अति पिछड़े इलाके के रूप में पहचान वाले इस क्षेत्र में आज तक अलग तहसील न होने का बेहद मलाल है। कमोबेश ऐसे ही हालात स्वास्थ्य, परिवहन, युवाओं के लिए खेलकूद, रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के हैं।
आलम ये है कि छर्रा से सांकरा, छर्रा से अतरौली, छर्रा से अकराबाद, छर्रा से गंगीरी की पट्टी के लोग जरूरत पर या तो बदहाल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आश्रित हैं या फिर निजी संसाधनों पर अन्यथा उन्हें दौड़ अलीगढ़ शहर तक लगानी पड़ती है। परिवहन के नाम पर निजी बस ऑपरेटरों का कब्जा ऐसा है कि कई मार्गों पर रोडवेज बसें नहीं चलती हैं। छर्रा में बस स्टैंड तक नहीं है। तहसील के काम के लिए आधे हिस्से के लोगों को अतरौली और आधे लोगों को कोल की दौड़ लगानी पड़ती है। इन्हीं के बीच विधायक कहते हैं कि कुछ मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर प्रयास जारी हैं।
लोग बोले
- क्षेत्र के विकास के साथ कस्बा छर्रा को भी विकास की आवश्यकता है। कस्बे में युवाओं में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल मैदान की आवश्यकता है, जिससे कस्बा व क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा को नई पहचान मिल सके।-साहिल रावत, छर्रा
-छर्रा कस्बे में एक रोडवेज बस स्टैंड की सख्त आवश्यकता है जो कई गांवों व कस्बों को जोड़कर ग्रामीणों व क्षेत्रवासियों को मददगार साबित हो सके। यहां एक अर्से से हम लोग निजी बसों के सहारे अलीगढ़, अतरौली मार्ग पर आश्रित हैं।-गजेंद्र सिंह, दतावली
- सरकार ने हर वर्ग में विकास कार्य करने का प्रयास किया है, जो कि काफी हद तक सफल प्रयास भी रहे हैं। छर्रा विधानसभा की नगर पंचायत छर्रा में नगरवासियों को एक पार्क की आवश्यकता है, जिससे नगरवासी स्वच्छ वातावरण में घूम सकें।-लालू महाजन, छर्रा
-छर्रा विधानसभा में तहसील नहीं है। लंबे समय से छर्रा को तहसील बनाने की मांग चली आ रही है। सरकार के पास छर्रा को तहसील बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है जिस पर विचार कर छर्रा को तहसील बनाए। यह मांग बहुत पुरानी है। यहां से हर काम के लिए अतरौली जाना पड़तला है।-जगदीश यादव, गालिबपुर
विधायक बोले
भाजपा के छर्रा क्षेत्र से विधायक ठा.रवेंद्रपाल सिंह कहते हैं कि उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में अपने निजी प्रयास, विधायक निधि व सरकार से ग्रांट लेकर अननिगत काम कराए हैं, जो उनकी जानकारी में थे, वहां पूरा प्रयास किया है। इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि प्रदेश में छर्रा विधानसभा क्षेत्र विकास के 23वें स्थान पर है। फिर भी कुछ समस्याएं शेष बची होंगी। उन्हें दूर करने का पूरा प्रयास जारी है। आगे भी जनता के बीच जाना है। बात अगर तहसील के दर्जे की करें तो अकराबाद या छर्रा को विधानसभा क्षेत्र में नई तहसील का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका प्रस्ताव शासन स्तर के पास लंबित है। उम्मीद है कि जल्द सफलता मिलेगी। अपने द्वारा कराए गए विकास कार्यों के सहारे फिर से जनता के बीच जाना है। वे अपने काम गिनाते हुए 1600 करोड़ से विश्व बैंक से सड़क, रपटा पुल, महुआ खेड़ा थाना, कई मिनी स्टेडियम, कई विद्यालय, अनगिनत सड़क, शवदाह ग्रह, टिनशेड व यात्री शेड, स्वास्थ्य केंद्र, विद्युत केंद्र, कई पुल निर्माण, कान्हा गोशालाओं का काम, मंदिरों पर जीर्णोद्धार, नगर निगम में शामिल गांवों में विकास कार्य, अकराबाद को नगर पंचायत, छर्रा या अकराबाद को तहसील के दर्जे का प्रयास, कौड़ियागंज के सीमा विस्तार का प्रयास आदि महत्वपूर्ण कार्य हैं।