अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में एक व्यक्ति को गोली मारे जाने की घटना के बाद परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरा की स्थिति की फिर से समीक्षा की जा रही है। जिन सीसीटीवी कैमरों में किसी तकनीकी प्रकार की समस्या है, उनको सुधारा जाएगा। कुछ नई सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा सकते हैं। अंधेरे में इमेजिंग करने वाले इंफ्रारेड कैमरे लगाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।
पिछले डेढ़ वर्ष से विश्वविद्यालय में कक्षाएं संचालित न होने और छात्रों के न होने के चलते सघन निगरानी की आवश्यकता अनुभव नहीं की जा रही थी। लेकिन पिछले दिनों दो घटनाएं हुईं। एक घटना विश्वविद्यालय के छात्रावास में हुई, जिसमें एक बाहरी शिक्षक में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दूसरी घटना इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने हमलावरों द्वारा एक बाहरी व्यक्ति को गोली मारी जाने की हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर की डिजिटल निगरानी की व्यवस्था की पूरी समीक्षा की जा रही है। प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली कहते हैं कि कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी कमी नहीं रहने दी जाएगी। कैमरे या अन्य किसी तकनीक में जो भी आवश्यकता महसूस होगी उसको लाया जाएगा।