दो साल पहले बनीं सात नई नगर पंचायतें अब तक कागजों में ही सिमटी हुई हैं। अब तक ग्राम पंचायत रहीं इन नगर पंचायतों में कोरोना काल के बाद हाल ही में शासन स्तर से बजट आया है। इस धनराशि का इस्तेमाल कार्यालय भवन निर्माण में किया जाएगा। कार्यदायी संस्थाओं को भवन निर्माण के लिए छह माह का समय दिया गया है। भवन व इंफ्रास्ट्रक्चर न होने के चलते शासन से मिले सड़क, व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य पूरा करने में अफसरों का पसीना छूट रहा है।
नवंबर एवं दिसंबर 2019 में जिले में गभाना, बरौली, टप्पल, जवां सिकंदरपुर, चंडौस, पिसावा एवं मडराक को नगर पंचायत घोषित किया गया था। उसके बाद कोरोना का कहर शुरू हो जाने से इन पंचायतों का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए शासन स्तर से बजट जारी नहीं हो पाया था। अगस्त 2021 से बजट आना शुरू हुआ है। इसके बाद सर्वप्रथम कार्यालय भवन निर्माण का काम कराया जा रहा है। सड़क व शौचालय समेत कुछ विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन कर्मचारी समेत समूचा सिस्टम न होने से अधिकारियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में बनी मडराक, पिसावा एवं चंडौस को वर्ष 2020 से अब तक 65-65 लाख की चार किस्तों में पैसा मिल चुका है। शेष नगर पंचायतों के लिए हाल ही में धनराशि आवंटित हुई है।
बरौली नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नगर पंचायत का भवन बनना है। टेंडर फाइनल हो गए हैं। लेकिन नगर पंचायत के हिसाब से बाबू से लेकर सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था न होने से नगर पंचायत के संचालन में दिक्कत आ रही है। मडराक नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आंजनेय मिश्रा ने बताया कि कार्यालय भवन निर्माण की जिम्मेदारी सीएंडडीएस को दी गई है। 15वें वित्त आयोग से कुछ धनराशि मिली है। इससे नगर पंचायत की कुछ सड़कों के साथ व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शुरू करा दिया गया है। लेकिन नगर पंचायत के हिसाब से अधिकारी व कर्मचारियों की कमी के चलते तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ये हैं नई नगर पंचायतें
नगर पंचायत गभाना -दिसंबर 2019 में बनी-मौहरेना, गभाना, कन्होई, सोमना, पनिहावर, नगला नत्था, श्यामपुर व रामपुर गांव मिलाकर।
नगर पंचायत बरौली -दिसंबर 2019 में बनी-बरौली, राजगढ़ी, बरौला, फरीदपुर, ततारगढ़ी, लहटोई, दहेली, श्यामपुर।
नगर पंचायत टप्पल -दिसंबर 2019 में बनी-टप्पल, नूरपुर, उदयपुर, मेवा नगला व मिलिक।
नगर पंचायत जवां सिकंदरपुर -दिसंबर 2019 में बनी-जवां सिकंदरपुर, जवां बाजीदपुर, कासिमपुर पावर हाउस, चाऊपुर, रामपुर।
नगर पंचायत चंडौस -नवंबर 2019 में बनी-चंडौस, नगला जाट, भीमनगर,
नगर पंचायत पिसावा -नवंबर 2019 में बनी-पिसावा, जलालपुर, सुजावगढ़, पोस्तिका, शेरपुर, नगला भूप सिंह,
नगर पंचायत मडराक -अगस्त 2019 में बनी-मुकंदपुर, मईनाथ, पाली रजापुर, मडराक, शाहपुर, कोठिया, रामनगर मजरा, आर्यनगर मजरा, न्हौटी।
15वें वित्त आयोग से मिली धनराशि
-नगर पंचायत मडराक -अब तक आई धनराशि 30667656 रुपये।
-नगर पंचायत पिसावा -अब तक आई धनराशि 12430101 रुपये।
-नगर पंचायत चंडौस -अब तक मिली धनराशि 15675119 रुपये।
-नगर पंचायत टप्पल -अब तक मिली धनराशि 5218030 रुपये।
-नगर पंचायत गभाना -अब तक मिली धनराशि 3440459 रुपये।
-नगर पंचायत बरौली -अब तक मिली धनराशि 3282772 रुपये।
-नगर पंचायत जवां सिकंदरपुर -अब तक मिली धनराशि 3655488 रुपये।
नई बनी सातों नगर पंचायतों के कार्यालय भवन निर्माण के लिए पैसा आ गया है। इसके टेंडर फाइनल हो चुके हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। कर्मचारियों समेत अन्य संसाधनों की कमी को भी दूर करने का प्रयास चल रहा है।
- डीपी पाल, एडीएम प्रशासन