अलीगढ़ के गांधीपार्क थाना क्षेत्र में डोरी नगर इलाके के एक विवाह स्थल पर शुक्रवार रात उस समय बखेड़ा खड़ा हो गया, जब शादी के दौरान सात फेरे से पहले दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, रिश्तेदारों के इशारे पर दुल्हन मंडप से उठकर अपने घर चली गई। यह देख दूल्हा पक्ष के पैरों तले जमीन खिसक गई। बात थाने तक पहुंची। मगर दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई। बाद में शादी न करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच थाने में लिखित समझौता हुआ।
वैदिक विहार सासनी गेट के एक कारखाने में काम करने वाले युवक की शादी गांधीपार्क शास्त्री नगर की युवती से तय हुई थी। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को बरात डोरी नगर के विवाह स्थल पर पहुंची। बरात चढ़त के बाद सात फेरों की तैयारी चल रही थी। इसी बीच दुल्हन के कुछ रिश्तेदार वहां आए और इस शादी का विरोध किया। उन्होंने दुल्हन से अकेले में कुछ बात की और उसे अपने साथ घर ले गए।
यह देख दूल्हा पक्ष बौखला गया और हंगामा करने लगा। बाद में मामला थाना गांधीपार्क पहुंचा। दूल्हा पक्ष की शिकायत पर पुलिस समारोह स्थल और दुल्हन के घर पहुंची। दुल्हन व उसके परिवार को थाने बुलाया गया। जहां बातचीत में दुल्हन शादी न करने की जिद पर अड़ी रही। मगर वजह खुलकर नहीं बताई। हालांकि पारिवारिक सूत्रों से पता चला है कि अपनी मां के कहने पर यह शादी कर रही थी।
उसके रिश्तेदारों ने उसे यह समझा दिया कि ऐसा करने पर उसे उसकी मां की संपत्ति से हाथ धोना पड़ेगा। कुल मिलाकर थाने में देर रात तक चली वार्ता के बाद दोनों पक्ष शादी न करने को राजी हुए। दुल्हन ने शादी न करने की बात लिखकर दी और दोनों पक्ष वहां से चले गए। इंस्पेक्टर गांधीपार्क रविंद्र दुबे का कहना है कि इस प्रकरण में यह बात खुलकर सामने नहीं आई कि युवती क्यों शादी नहीं करना चाहती। मगर सात फेरों से पहले ही शादी टूट गई।