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स्मरण: 'बाबूजी के बाग' में रखा गया कल्याण सिंह का अस्थि कलश, यहीं बनती थी सियासी रणनीति

Sat, 28 Aug 2021 11:49 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ के अतरौली के गांव मढौली स्थित पैतृक बाग में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के अस्थि कलश रखे गए हैं। यहां लोग उनके अस्थि कलश के अंतिम दर्शन के लिए आ रहे हैं। 
 
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बाग में रखे गए कल्याण सिंह के अस्थि कलश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह बाबूजी का अस्थि कलश उनके गांव मढौली स्थित पैतृक बाग में रखे गए हैं। जहां लोग अस्थि कलश के अंतिम दर्शन के लिए आ रहे हैं। ये वही बाग है जहां बाबूजी की राजनीतिक गतिविधियां होती थीं। समर्थकों के साथ चुनावी बिगुल फूंकना हो या गहरी मंत्रणा सब यहीं बैठकर होता था। 
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चुनावी तैयारियां और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तो इस बाग में बैठकर तय होती ही थी। साथ ही क्षेत्रीय व खास लोगों से जब मशविरा करना  होता था तो बाबूजी अक्सर यहीं आते थे। उस वक्त भी यहां गाड़ियों का काफिला लग जाता था, भीड़ जमा होती थी आज भी यहां भीड़ जमा थी लेकिन इस बार हंसी खुशी की जगह माहौल गमगीन था। 

राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के गठन के समय की थी बैठक
बाबूजी ने वर्ष 2002 में जब भाजपा से नाता तोड़ा था तब उन्होंने पहली राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय क्रांति पार्टी का गठन किया था। तब यहीं बाग पर बैठकर उन्होंने अतरौली क्षेत्र के अपने समर्थकों के साथ बैठक की ओर यहीं से नई पार्टी बनाने का एलान किया था। उस वक्त ये बाग बाबूजी जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा, आज ये बाग बाबूजी अमर रहे के नारों से गूंज रहा है। 
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2004 के उप चुनाव में बाबूजी ने पहली बार अपने परिवार के सदस्य को अपने उत्तराधिकारी के रूप में अतरौली सीट से पुत्रवधु प्रेमलता वर्मा को मैदान में उतारा था। यहीं बैठकर उन्होंने लोगों से अपील की थी कि आपने मुझे हमेशा जिताया है अबकी बार प्रत्याशी प्रेमलता वर्मा है इसको भी जिता देना। जनता ने उस अपील को न सिर्फ स्वीकर किया बल्कि प्रेमलता वर्मा को भारी मतों से जिताया। 
 
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सवा सौ पेड़ हैं एक सीध में 

गांव मढौली के जगदीश जनकपुर के रामजीलाल मथुरिया बताते हैं कि इस बाग में सवा सौ से अधिक पेड़ लगे हुए हैं।  जिस वक्त बाग लगाया जा रहा था तब बाबूजी  खुद यहां पहुंचे थे। उन्होंने मज़दूरों को पौधे रोपने का एक तरीका बताया तब मज़दूरों ने उस तरीके से ही पौधे लगाए। बाग के किनारे किसी भी तरफ खड़े हो जाओ पौधे हर साइड से एक सीध में ही दिखाई देते हैं।
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