अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) सिटी स्कूल का नाम अब राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम से होगा। राजा महेंद्र प्रताप सिंह के पौत्र चरत प्रताप सिंह ने सिटी स्कूल की 19 हजार वर्ग मीटर जमीन का एएमयू को बैनामा कर दिया।
जीटी रोड पर एएमयू सिटी स्कूल स्थित है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने स्कूल के लिए 90 साल की लीज पर दो रुपये में जमीन एएमयू को दी थी। लीज की अवधि 2018 में खत्म हो गई थी। इस पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह के पौत्र चरत प्रताप सिंह ने लीज खत्म होने के बाद यह जमीन एएमयू को बैनामा कर दिया है। कोल तहसील में एएमयू प्रशासन ने बैनामे में चार करोड़ दस लाख रुपये का स्टांप शुल्क व 58 लाख रुपये का बैनामा शुल्क जमा किया। इस मौके पर पौत्र चरत प्रताप सिंह, प्रपौत्र अमर प्रताप सिंह व रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद मौजूद रहे। पीआरओ के मेंबर इंचार्ज प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि एएमयू सिटी स्कूल का नाम राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम होगा, जिसकी मुहर एग्जीक्यूटिव काउंसिल की 10 सदस्यीय कमेटी की बैठक में लग चुकी है। राजा महेंद्र प्रताप ने 90 साल के लिए जो जमीन लीज पर दी थी, उसकी मियाद 2018 में पूरी हो चुकी है। अब स्कूल की जमीन पर पूरी तरह से एएमयू का अधिकार हो गया है, जबकि तिकुनिया पार्क राजा महेंद्र प्रताप सिंह के वंशज को सौंप दिया गया है।
भाजपा के शीर्ष नेता लगातार साध रहे एएमयू पर निशाना
राजा महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दान की गई इस जमीन लेकर खूब सियासत हुई। भाजपा के शीर्ष नेता अपने भाषणों में इस बात का जिक्र करते रहे कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने एएमयू को जमीन दान दी, लेकिन उसके एवज में एएमयू प्रशासन ने राजा महेंद्र प्रताप को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वह असल हकदार थे। पिछले दिनों अलीगढ़ में भाजपा सरकार ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा कर दी। बाकायदा कुलपति व रजिस्ट्रार की तैनाती हो चुकी है।
जसीम ने की जमीन की सीबीआई जांच की मांग
अलीगढ़। राजा महेंद्र प्रताप सिंह के वंशजों द्वारा जमीन के बैनामे को लेकर एएमयू परिसर में खूब चर्चाएं हैं। एएमयू के पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ. जसीम मोहम्मद ने इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि एएमयू सिटी स्कूल के प्लाट संख्या 952 के 1.970 हेक्टेयर भूमि राजा महेंद्र प्रताप सिंह के वंशज द्वारा एएमयू को रजिस्ट्री करवा दी गई, लेकिन एएमयू कुलपति तारिक मंसूर द्वारा एएमयू सिटी स्कूल के प्लाट संख्या 695 के 1.221 हेक्टेयर भूमि को बिना शर्त राजा महेंद्र प्रताप सिंह के वंशज को दे दिया गया, जो जांच का विषय है, जिसे एएमयू के शिक्षकों की कमेटी बनाकर उसको सही बता दिया गया। डॉ. जसीम ने आरोप लगाया कि एएमयू की भूमि को खुर्द-बुर्द करना कुलपति प्रो. तारिक मंसूर अच्छी तरीके से जानते हैं, जैसा उन्होंने अपने संबंधियों को शमशाद मार्केट स्थित एएमयू की जमीन बिकवा दी। इस भूमि के खरीद के लिए एएमयू द्वारा 14 जनवरी 2021 को चंदा भी मांगा गया था और करोड़ों रुपये एकत्र किए गए, लेकिन उसका हिसाब-किताब नहीं है।
राजा महेंद्र प्रताप का एएमयू से रिश्ता
- सर सैयद की ओर स्थापित मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज के 1895 में राजा महेंद्र प्रताप सिंह छात्र थे।
- राजा महेंद्र प्रताप ने 12वीं तक की पढ़ाई की।
- राजा महेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1914 में अफ गानिस्तान चले गए। उन्होंने अपदस्थ सरकार बनाई।
- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1946 में आजादी से कुछ दिन पहले राजा महेंद्र प्रताप भारत आ गए थे।
- एएमयू प्रशासन ने 7 जनवरी 1977 में सालाना जलसे में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया।
- राजा महेंद्र प्रताप की मृत्यु 29 अप्रैल 1979 में हो गई थी।