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डेंगू के चलते प्लाज्मा प्लेटलेट की ब्लड बैंक में कमी, आगे आएं करें रक्तदान अमर उजाला फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग का रक्तदान शिविर कल सुबह 9 बजे से जिला अस्पताल में शुरू

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मुफ्ती मो. खालिद - फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़। डेंगू के चलते प्लेटलेट और प्लाज्मा की कमी से जूझ रहे हैं ब्लड बैंक की सहायता के लिए धर्मगुरुओं ने आगे आने के लिए अपील की है। इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर को होने वाले रक्तदान शिविर में लोगों से अधिक से अधिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की है। मलखान सिंह जिला अस्पताल के सभागार में रक्तदान शिविर व जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में पुलिस विभाग प्रमुख रूप से सहयोग कर रहा है।  शिविर सुबह 9 बजे शुरू होगा और दोपहर 3 बजे तक चलेगा। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सईद मोहम्मद कहते हैं कि महामारी के दौरान रक्तदान का महत्व और भी बढ़ जाता है। क्योंकि इस समय रक्त की आवश्यकता सामान्य समय के मुकाबले अधिक है।  चार महत्वपूर्ण जांच निशुल्क होंगी रक्तदान करने वाले महादानियों के स्वास्थ्य की चार महत्वपूर्ण जांच भी की जाएंगी। इसमें एचआईवी, सिफलिस, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी शामिल हैं। इनमें से किसी भी बीमारी के संकेत मिलने पर रक्तदान करने वाले को गोपनीय तरीके से सूचित किया जाएगा, जिससे कि वह अपना उपचार शुरू कर सके। साथ ही उस रक्त को नष्ट कर दिया जाएगा।  इस तरह रक्तदान के साथ-साथ स्वास्थ्य परीक्षण का भी लाभ दिया जा सकता है।  कार्यक्रम में सहयोग करने वाली संस्थाओं में उड़ान सोसायटी, पर्यावरण सुरक्षा समिति, महेश्वरी क्रिएटिव क्लब, स्वर साधना संस्था, नागरिक चेतना समिति, हेल्प डेस्क इंडियन, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, पूर्व सैनिकों का संगठन वेटरंस इंडियन आदि शामिल हैं। यह लोग कर सकते हैं रक्तदान -18 वर्ष से लेकर 60 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति -जिनका वजन 45 किलो से अधिक हो वह कर सकते हैं -कोरोना के टीकाकरण के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकते हैं -कोरोना संक्रमण से ठीक होने के 28 दिन बाद रक्तदान कर सकते हैं -डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड से ठीक होने के 6 महीने बाद रक्तदान कर सकते हैं रक्तदान इंसानियत के वास्ते नेक काम है। जो भी लोग सेहतमंद हैं और रक्तदान कर सकते हैं उनको इस काम के लिए आगे आकर इंसानियत के लिए अपना फर्ज अदा करना चाहिए। इंसान की जिंदगी को बचाने से बड़ा और कोई काम नहीं है। -मुफ्ती मोहम्मद खालिद, शहर मुफ्ती इंसान की जिंदगी बचाना दुनिया का सबसे बड़ा काम है और इस काम के लिए आगे आकर रक्तदान करना चाहिए। आदमी को खुदा के करीब रहता है। इसलिए कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी विचारधारा और धर्म का हो मानवता के लिए रक्तदान जरूर करना चाहिए। -जॉनी फास्टर, ईसाई समाज के विद्वान
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जानी फास्टर - फोटो : Amar Ujala
जानी फास्टर
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