जिस हवाईपट्टी पर मुख्यमंत्री या राज्यापाल रहते बाबूजी कल्याण सिंह की पूरे प्रोटोकॉल के साथ अगवानी होती थी। आज उसी हवाईपट्टी पर उनकी अंतिम अगवानी भी उसी प्रोटोकॉल के साथ हुई। अंतर इतना था कि यह उनके निधन के बाद आखिरी सफर की अगवानी और स्वागत था।
रविवार शाम पांच बजे जब बाबूजी का शव एयर एंबुलेंस के जरिये धनीपुर हवाईपट्टी पहुंचा तो पूरा सियासी और पुलिस प्रशासनिक अमला अगवानी में मौजूद रहा। खुद सूबे के मुख्यमंत्री लखनऊ से साथ आए। जब उनके शव को फूलों से सजी गाड़ी में हवाईपट्टी से काफिले के रूप में स्टेडियम तक लाया गया तो शहर इस आखिरी यात्रा का गवाह बना और मुख्यमंत्री सहित पूरा अमला इस आखिरी यात्रा में शामिल रहा। जगह-जगह पुष्प वर्षा, नम आंखों के बीच जयघोष से बाबूजी की अंतिम यात्रा का स्वागत किया गया और स्टेडियम पहुंचते-पहुंचते समर्थकों और सैलाब उमड़ पड़ा।
धनीपुर हवाईपट्टी की स्थापना वर्ष 1985 के आसपास की है। मगर जब बाबूजी सूबे के मुख्यमंत्री बने तो उनका हवाई मार्ग से इस पट्टी पर आना जाना शुरू हो गया। जब भी बाबूजी आते तो पूरे प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाता था। ऐसा ही कुछ उनके देहांत के बाद उनके शव आने पर ध्यान रखा गया।
बाकायदा जिला भाजपा का पूरा अमला, पुलिस प्रशासनिक अफसर, जिला प्रभारी मंत्री आदि वहां शव की अगवानी में मौजूद रहे। जैसे ही शव पहुंचा तो उसे फूलों से सजी गाड़ी में रखकर अंतिम यात्रा शुरू की गई।
कई दर्जन गाड़ियों के काफिले और पुलिस की बाइकों की घेराबंदी में यात्रा धनीपुर से शुरू होकर जीटी रोड, एटा चुंगी, क्वार्सी बाईपास, कयामपुर, क्वार्सी चौराहा होते हुए स्टेडियम पहुंची। इस दौरान जगह जगह लोगों की भीड़ ने पुष्प वर्षा कर व जय श्रीराम व बाबूजी अमर रहे के नारे लगाकर अंतिम यात्रा का स्वागत किया।
एडीजी ने किया कैंप, सुबह से ही पुख्ता सुरक्षा इंतजाम
पूर्व मुख्यमंत्री के देहांत के बाद उनका शव यहां अंतिम दर्शन के आने की तैयारियां शनिवार देर शाम से ही शुरू हो गई थीं। मुजफ्फर नगर से रात में ही वीआईपी टेंट बुलवाया गया। सुबह से ही स्टेडियम सजाया जाने लगा। भव्य पांडाल बनाया गया और उसमें फूलों से सजी स्टेज पर बाबूजी का पार्थिव शरीर रखने की व्यवस्था की गई।
इस दौरान सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए गए। एडीजी जोन राजीव कृष्ण सुबह से ही यहां कैंप किए हुए हैं। वहीं कमिशभनर गौरव दयाल, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम सेल्वा कुमारी जे, एसएसपी कलानिधि नैथानी व्यवस्थाओं में लगे रहे। इसके अलावा जोन के सभी जिलों से आधा दर्जन एएसपी, एक दर्जन सीओ, काफी संख्या में पुलिस बल लगाया गया है।