राजपैलेस के पहले कल्याण सिंह विष्णुपुरी स्थित प्यारेलाल लोधी के मकान में रहते थे। प्यारेलाल लोधी अखिल भारतीय लोधी महासभा के कोषाध्यक्ष थे और कल्याण सिंह से गहरी दोस्ती थी। चुनाव लड़ाने से लेकर अन्य तमाम तरह के कार्यों में प्यारेलाल कल्याण सिंह का सहयोग करते थे।
24 जनवरी 2018 को प्यारेलाल लोधी का निधन हुआ। उस समय कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल थे। उनकी 13 वीं में वह चंदनिया स्थित पीडी पब्लिक स्कूल में शामिल होने पहुंचे। प्यारेलाल की पत्नी प्रेमवती, पुत्र महेंद्र सिंह लोधी और सुरेश चंद्र लोधी को घर के सदस्य की तरह मानते थे।
सुरेशचंद्र लोधी की शादी 1977 में हुई थी। उस समय कल्याण सिंह प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री थे। शादी की हर रस्म में शामिल हुए। कल्याण सिंह 1967 में पहली बार अतरौली से विधायक निर्वाचित हुए थे। उस समय अलीगढ़ शहर में उनका आवास नहीं था।
लखनऊ या अतरौली आने-जाने के क्रम में वह अक्सर विष्णुपुरी स्थित प्यारेलाल के घर पर रुकते थे। अखिल भारतीय लोधी महासभा के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र लोधी कहते हैं कि वह कल्याण सिंह को चाचा कहते थे। कल्याण सिंह उनको साथ लेकर जाते थे।
महेश लोधी मोटर साइकिल पर बैठाकर कल्याण सिंह को लेकर जाते थे। उस समय कल्याण सिंह के पास मोटरसाइकिल या गाड़ी नहीं थी। अखिल भारतीय लोधी महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेश चंद्र लोधी कहते हैं कि बाबूजी ज्ञानी थे। वह दूरदर्शी थे। काफी चिंतन के बाद फैसला लेते थे। एक बार फैसला लेने के बाद डिगते नहीं थे।
मक्का की रोटी एवं उड़द की दाल से था प्यार
सुरेश चंद्र लोधी कहते हैं कि बाबूजी लहसुन की छौंक लगी उड़द की दाल के साथ मक्का की रोटी खाना सबसे अधिक पसंद करते थे। मां प्रेमवती उनका बहुत ख्याल रखती थी। विष्णुपुरी में रहते थे तो लोग उनसे मिलने भी आते थे। विधायक बनने के बाद भी कल्याण सिंह अतरौली बस से जाते थे। वे लोग उन्हें बस स्टैंड छोड़कर आते थे।