आवारा गोवंश की समस्या किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई है। गोवंश द्वारा फसलों को निशाना बनाने से किसान बेहाल हैं। तमाम गो आश्रय स्थल एवं गोशालाएं खोले जाने के बाद भी यह समस्या निरंतर बनी हुई है। लेकिन यह समस्या जल्द कम होने जा रही है।
शासन ने इगलास, लोधा, गोंडा एवं खैर में वृहद गो संरक्षण केंद्रों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। करीब 1.20 करोड़ की लागत से बनने वाले इन केंद्रों का निर्माण भी शुरू हो गया है। इनके निर्माण के बाद हर साल वृहद गो संरक्षण केंद्र बनाकर इस समस्या के प्रभावी निस्तारण की तैयारी है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रवीर सिंह ने बताया कि खैर तहसील के लक्ष्मणगढ़ी गांव में वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा कोल तहसील के नेहरा गांव, इगलास के बड़ा खुर्द तथा गोंडा के मजूपुर सुबकरा में केंद्र का निर्माण शुरू हो गया है। इनमें से दो केंद्रों का निर्माण पैक्स फैड कंपनी कर रही है तो शेष बचे दो केंद्रों का निर्माण सिडको कंपनी कर रही है।
दोनों कंपनियों को निर्माण के लिये कुल बजट का आधा 60 लाख रुपया मिल चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार हर साल वृहद गो संरक्षण केंद्र बनवाना चाहती है। ताकि आवारा गोवंश की समस्या का प्रभावी निदान हो सके। इस साल चार केंद्र बनाने का लक्ष्य था। अगले साल भी इतने ही केंद्र बनाने की योजना है।