आडिट टीम का सहयोग न करने पर जिला विकास अधिकारी ने अतरौली ब्लॉक के जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने बीडीओ को पत्र लिखकर टीम को अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की जांच के लिए मनरेगा की सोशल आडिट टीम हर साल सर्वे करती है।
कोरोना काल में सर्वे स्थगित रहने के बाद हाल ही में सर्वे शुरू हुआ है। लेकिन टीम को सहयोग न करने की शिकायतें आ रही हैं। पिछले दिनों ऐसा ही मामला अतरौली ब्लॉक के गांव कोरह रघुपुरा में मिला। यहां आडिट को गई टीम को न तो अभिलेख मिले और न ही ब्लॉक व ग्राम के कर्मचारियों व अधिकारियों ने सहयोग किया।
डीडीओ भरत कुमार मिश्र ने बताया कि डीएम ने मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में सोशल आडिट कराने के निर्देश दिए गए थे। चंडौस के ब्लॉक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर को अतरौली ब्लॉक में लगाया गया था। इन्हें 16 से 18 नवंबर तक पंचायत कोरह रघुपुरा में ऑडिट करना था, लेकिन प्रधान व सचिव ने गांव में ऑडिट बैठक नहीं कराई।
मुनादी भी नहीं हुई। अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इस मामले में अतरौली ब्लाक के बीडीओ को पत्र लिखा गया है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि आडिट में सभी जिम्मेदार अफसर, कर्मचारी व प्रधानों को शामिल किया जाए। सभी अभिलेख भी उपलब्ध कराए जाएं।