गंगाघाट पर महापुरुषों की आत्माओं का तर्पण करते बजरंगदल के सदस्य।
- फोटो : CITY OFFICE
पितृ अमावस्या के अंतिम श्राद्ध के साथ बुधवार को पितृ पक्ष समाप्त हो गया है। बुधवार को अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के लिए तर्पण किया। श्राद्ध आयोजित कर ब्राह्मणों को भोजन कराया और दान पुण्य किया। पितृ पक्ष में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध करते हैं। अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग प्रकार से मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों का श्राद्ध किया जाता है।
बुधवार को पितृ अमावस्या पर सभी प्रकार के भूले-बिसरे और पूर्वजों की मृत्यु की तिथि ज्ञात न होने की दशा में श्राद्ध का आयोजन किया गया। सुबह पूजा-अर्चना कर गंगाघाट में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने तर्पण किया। दोपहर में ब्राह्मणों को भोजन कराया। दान-दक्षिणा के साथ ब्राह्मणों को विदा किया।