विद्यालय खुलवाने की मांग को लेकर वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधक व शिक्षक सड़क पर उतर पड़े। प्रबंधकों व शिक्षकों ने योगी सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। प्रदेश सरकार के राज-काज के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
सोमवार को प्रबंधकों व शिक्षकों ने विद्यालय खुलवाने के लिए बीएसए कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। सरकार की नीतियों पर शिक्षक खूब बरसे। इसके बाद प्रबंधकों व शिक्षकों ने प्रभारी बीएसए केएल वर्मा को ज्ञापन सौंपा। आगरा शिक्षक खंड प्रभारी पवन शर्मा ने कहा कि जब कोरोना के मरीज आ रहे थे, तब सभी विद्यालयों के प्रबंधकों ने अपने विद्यालय बंद रखे।
अब अलीगढ़ मंडल कोरोना मुक्त हो चुका है। इसलिए विद्यालयों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रबंधक महासभा के महानगर अध्यक्ष अंतिम कुमार ने कहा कि यदि शीघ्र विद्यालय नहीं खुले तो वह आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे। संगठन मंत्री जितेंद्र प्रताप, जिला अध्यक्ष ओमेश चौधरी, अटल वार्ष्णेय, परमवीर सिंह, अनुज कुमार गौड़, देवराज शर्मा, आईपी सिंह, प्रशांत भारद्वाज ने विचार व्यक्त किए। इसके बाद प्रबंधकों व शिक्षकों ने डीएम कार्यालय तक बाइक जुलूस निकाला। जुलूस लंबा होने के चलते सूत मिल चौराहा, तहसील चौराहा, घंटाघर पर सड़क पर जाम भी लग गया। हाथों में सरकार के खिलाफ तख्तियां भी थीं। उन्होंने डीआईओएस व डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पद इसराज अली, रवि बघेल, यश अग्रवाल, महेंद्र प्रताप, पंकज शांडिल्य, मोहम्मद फरमान, प्रेम कुमार, पुनीत शर्मा, श्याम देव, जसवंत सिंह, योगेश भारद्वाज, सुरेश शर्मा, विनोद कुमार, आर्य शर्मा, त्रिवेश चंद्र भारद्वाज, सद्दाम हुसैन, एचएन अग्रवाल मौजूद रहे।